बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम
अल्लाह तआला ने कुरआन-ए-पाक में आसमान, धरती, सूरज, चाँद, तारों और पूरी कायनात के बारे में बहुत खूबसूरत तरीके से बताया है। ये सब अल्लाह की निशानियां हैं, जो हमें उसकी कुदरत और बुद्धिमत्ता पर यकीन दिलाती हैं। आइए, कुरआन की रोशनी में इनकी बेसिक जानकारी सीखें – सिर्फ़ कुरआन के आधार पर, सरल भाषा में।
१. हमारा ग्रह – पृथ्वी (अल-अर्ज़)
कुरआन में अल्लाह फरमाता है कि उसने धरती को हमारे लिए बहुत आसान और आज्ञाकारी बनाया है। हम इस पर चल सकते हैं, खा-पी सकते हैं और आराम से रह सकते हैं।
सूरह अल-मुल्क (६७), आयत १५:
"هُوَ الَّذِي جَعَلَ لَكُمُ الْأَرْضَ ذَلُولًا فَامْشُوا فِي مَنَاكِبِهَا وَكُلُوا مِن رِّزْقِهِ ۖ وَإِلَيْهِ النُّشُورُ"
हिंदी अनुवाद:
वही है जिसने तुम्हारे लिए धरती को वशीभूत (आसान) बनाया। तो तुम उसके कंधों (पहाड़ों और मैदानों) पर चलो और उसकी रोज़ी (खाने-पीने की चीजें) से खाओ। और उसी की ओर दोबारा उठकर जाना है (क़यामत के दिन)।
ये आयत बताती है कि धरती हमारी सेवा में है – इसमें पहाड़, मैदान, नदियां, फल और सब कुछ अल्लाह ने हमारे लिए रखा है। ये हमारा घर है!
२. हमारा सौरमंडल – सूरज, चाँद और ग्रहों का समूह
कुरआन में यूसुफ़ (अलैहिस्सलाम) के सपने का ज़िक्र है, जिसमें सूरज, चाँद और ११ सितारे (कौकब) दिखे जो सजदा कर रहे थे।
सूरह यूसुफ (१२), आयत ४:
"إِذْ قَالَ يُوسُفُ لِأَبِيهِ يَا أَبَتِ إِنِّي رَأَيْتُ أَحَدَ عَشَرَ كَوْكَبًا وَالشَّمْسَ وَالْقَمَرَ رَأَيْتُهُمْ لِي سَاجِدِينَ"
हिंदी अनुवाद:
जब यूसुफ़ ने अपने बाप से कहा, "ऐ मेरे बाप! मैंने सपने में ग्यारह सितारे देखे और सूरज और चाँद। मैंने उन्हें देखा कि वे मुझे सजदा कर रहे हैं।"
ये सपना बताता है कि सूरज एक बड़ा तारा है, चाँद हमारी धरती का चाँद (उपग्रह) है, और कई ग्रह (कौकब) हैं जो सूरज के इर्द-गिर्द घूमते हैं। ये सब मिलकर एक सौरमंडल बनाते हैं।
आधुनिक विज्ञान के अनुसार ८ ग्रह हैं (अरबी/इस्लामी परंपरा में इस्तेमाल होने वाले नाम):
१. عطارد (उतारिद) – Mercury
२. الزهرة (ज़ुहरा) – Venus
३. الأرض (अल-अर्ज़) – Earth
४. المريخ (मरीख) – Mars
५. المشتري (मुश्तरी) – Jupiter
६. زحل (ज़ुहल) – Saturn
७. أورانوس (उरानुस) – Uranus
८. نبتون (नबतून) – Neptune
३. अत-तारिक – रात में आने वाला चमकदार तारा
सूरह अत-तारिक (८६), आयत १-३:
"وَالسَّمَاءِ وَالطَّارِقِ وَمَا أَدْرَاكَ مَا الطَّارِقُ النَّجْمُ الثَّاقِبُ"
हिंदी अनुवाद:
शपथ है आसमान की और रात में आने वाले (तारिक) की!
और तुम क्या जानो कि तारिक क्या है?
वह चमकदार, छेदने वाला तारा है!
ये चमकदार तारा अक्सर शुक्र ग्रह (Venus) को इशारा करता है, जो सुबह होने से पहले बहुत चमकता है। इसलिए इसे "सुबह का तारा" भी कहते हैं।
सूरह अन-नज्म (५३), आयत ४९:
"وَأَنَّهُ رَبُّ الشِّعْرَىٰ"
हिंदी अनुवाद:
और यह कि वही शेअरा (सिरियस तारे) का रब है।
शेअरा (Sirius) बहुत चमकदार तारा है, जो गर्मियों में सुबह दिखता है और इसे भी "सुबह का तारा" कहा जाता है।
४. आकाशगंगाएँ और तारों की शोभा
सूरह अस-साफ्फात (३७), आयत ६:
"إِنَّا زَيَّنَّا السَّمَاءَ الدُّنْيَا بِزِينَةٍ الْكَوَاكِبِ"
हिंदी अनुवाद:
हमने निकट वाले आसमान को तारों की खूबसूरत सजावट से सजाया है।
ये आयत बताती है कि आसमान तारों से सजा हुआ है – अरबों तारे और ग्रह मिलकर आकाशगंगाएँ (Galaxies) बनाते हैं। हमारी आकाशगंगा का नाम "मिल्की वे" (Milky Way) है, जो रात में दूधिया रास्ते जैसी दिखती है। हमारी पड़ोसी आकाशगंगा का नाम "एंड्रोमेडा" है।
कुरआन हमें सिखाता है कि पूरी कायनात अल्लाह ने बहुत हिकमत से बनाई है। हर चीज़ अपने रास्ते पर चल रही है, और सब कुछ अल्लाह के हुक्म से है।
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