भारत सरकार ने 4 सितंबर 2025 को GST व्यवस्था को लेकर एक महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। जिसे "GST 2.0" कहा जा रहा है। जिसे भारत सरकार का सबसे बड़ा सुधार माना जा रहा है क्योंकि अब यह चार से दो मुख्य दरों पर आ गया है। 5% और 18% साथ ही "सिन" और लग्जरी वस्तुओं पर विशेष 40% स्लैब लागू किया गया है।मतलब की भारत सरकार ने सितंबर 2025 में GST व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया। अब चार अलग-अलग स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) की जगह सिर्फ दो मुख्य स्लैब रहेंगे—5% और 18%, जबकि लक्जरी और "सिन गुड्स" (जैसे शराब, तंबाकू, सॉफ्ट ड्रिंक्स) पर 40% टैक्स लगाया जाएगा।
भारत सरकार ने सितंबर 2025 में नया GST रेट लागू किया है। जानिए कौन-कौन सी चीजें सस्ती हुईं, किन पर बढ़ा टैक्स, और यह नया GST पुरानी व्यवस्था से क्यों बेहतर है।
आईए सारणी के जरिए जानते हैं नए GST दरो की वजह से क्या-क्या बदल गया।
| वस्तु/सेवा | पुराना GST रेट | नया GST रेट 2025 |
|---|---|---|
| रोजमर्रा की चीजें (टूथपेस्ट, साबुन, पैक्ड फूड) | 12% / 18% | 5% |
| दवाएं और मेडिकल डिवाइस | 12% / 18% | 5% या शून्य |
| कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स (टीवी, एसी, लैपटॉप) | 28% | 18% |
| छोटी कारें, मोटरसाइकिलें (≤350cc) | 28% | 18% |
| कृषि उपकरण और इनपुट्स | 12% / 18% | 5% |
| बीमा (लाइफ व हेल्थ) | 18% | शून्य (GST-free) |
| होटल, ट्रैवल, टिकट | 12% | 5% |
| सॉफ्ट ड्रिंक्स, पान मसाला, तंबाकू | 18% / 28% | 40% |
क्या यह नया रेट कितना बेहतर है?
1.सरलता
पुरानी चार दरों (5%, 12%, 18%, 28%) की तुलना में अब सिर्फ दो मुख्य स्लैब (5%, 18%)—प्लस एक विशेष 40%—प्रणाली को सरल बनाते हैं। इससे कॉम्प्लायंस और इन्फॉर्मेशन की समझ आसान होगी।
2.आर्थिक राहत और मांग में बढ़ोतरी
दैनिक जीवन की आवश्यक वस्तुओं, इलेक्ट्रॉनिक्स, कृषि इनपुट्स पर टैक्स कटौती से आम जनता और किसानों को आर्थिक राहत मिलेगी। साथ ही, दवा और हेल्थकेयर महंगी नहीं होगी।
3.उद्योग और व्यापार को बढ़ावा
व्हाइट गुड्स, ऑटो, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स, होटल आदि क्षेत्रों में लागत घटने से मांग और व्यापार दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
4.वित्तीय प्रभाव
हालांकि सरकार को ₹48,000 करोड़ (लगभग $5.5 अरब) की राजस्व हानि हो सकती है, लेकिन बढ़ी हुई खपत इसे संतुलित कर सकती है।
यह निर्णय GST Council के 56वें बैठक में, राज्यों और केंद्र ने मिलकर, सर्वसम्मति से लिया। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में यह चर्चा चली और एक ठोस निर्णय आया। इसे “दिवाली गिफ्ट” के तौर पर भी देखा जा रहा है, क्योंकि यह आम जनता के लिए राहतकारी कदम है।
क्यों नया GST रेट बेहतर है?
सरलता: केवल दो मुख्य स्लैब (5%, 18%)—साथ में 40% सिर्फ विनिर्दिष्ट वस्तुओं पर।
सस्ती और सुलभ सामग्री: रोजमर्रा की ज़रूरतें, कृषि, हेल्थ, इलेक्ट्रॉनिक्स सभी पर टैक्स में कमी।
व्यापार को बढ़ावा: अधिक मांग, ज्यादा कारोबार।
नीतिगत निर्णय: GST Council के सभी सदस्यों की सहमति से किया गया सुधार, नीति और जनता — दोनों का भला।
जनता और कारोबारियों के लिए बड़ा बदलाव
भारत सरकार ने सितंबर 2025 में GST व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया। अब चार अलग-अलग स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) की जगह सिर्फ दो मुख्य स्लैब रहेंगे—5% और 18%, जबकि लक्जरी और "सिन गुड्स" (जैसे शराब, तंबाकू, सॉफ्ट ड्रिंक्स) पर 40% टैक्स लगाया जाएगा।
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
GST Council की 56वीं बैठक में यह निर्णय सर्वसम्मति से हुआ। केंद्र और राज्य सरकारों ने माना कि टैक्स ढांचे को सरल बनाने से कारोबार आसान होगा और लोगों का बोझ कम होगा। यह कदम न सिर्फ आर्थिक विकास के लिए बल्कि चुनावी दृष्टि से जनता को राहत देने के लिए भी अहम माना जा रहा है।
Thanks
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