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author Coder Beta Sep 23, 2025 10 min

Day 9 – सिद्धिदात्री माता की पूजा (नवमी)

सिद्धिदात्री माता की पूजा (प्रतिपदा)

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माता का स्वरूप

नवरात्रि के नौवें दिन माता सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।
माता चार भुजाओं वाली हैं, उनके हाथों में चक्र, गदा, शंख और कमल है। वे सिंह पर सवार रहती हैं और उनका रूप सौम्य तथा दयालु है।
माँ सिद्धिदात्री अपने भक्तों को अष्ट सिद्धियाँ और नौ निधान प्रदान करती हैं।

 संदेश: “माँ सिद्धिदात्री सभी सिद्धियाँ देकर भक्तों का कल्याण करती हैं और उन्हें मोक्ष के मार्ग पर ले जाती हैं।”

 

 पूजा और व्रत विधि

  1. प्रातः स्नान कर घर के पूजा स्थान को स्वच्छ करें।
  2. माँ सिद्धिदात्री की प्रतिमा या चित्र के सामने दीप प्रज्वलित करें।
  3. माता को लाल या नीले फूल, रोली, चंदन और धूप अर्पित करें।
  4. प्रसाद स्वरूप नारियल, मिश्री और मालपुआ चढ़ाना शुभ माना जाता है।
  5. दुर्गा सप्तशती का पाठ करें और “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं सिद्धिदात्र्यै नमः” मंत्र का जाप करें।
  6. नवमी के दिन कन्या पूजन और भंडारा करना विशेष फलदायी होता है।

 

व्रत में क्या खाएँ?

  1. फल, दूध और दही।
  2. नारियल, खीर, मिश्री और शहद।
  3. साबूदाना, कुट्टू का आटा, सिंघाड़े का आटा और सूखे मेवे।

 

 व्रत में क्या न खाएँ?

अनाज, दाल और दाल से बने व्यंजन।

प्याज-लहसुन, मांसाहार और नशे से बनी वस्तुएँ।

 

महत्व

माता सिद्धिदात्री की उपासना से भक्तों को आठों सिद्धियाँ (अनिमा, महिमा, गरिमा, लघिमा, प्राप्ति, प्राकाम्य, ईशित्व और वशित्व) की प्राप्ति होती है।
इस दिन व्रत और पूजा करने से जीवन में आने वाली सभी बाधाएँ समाप्त होती हैं और घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है।
भक्तों के अंदर आध्यात्मिक शक्ति का जागरण होता है और उन्हें मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग मिलता है।

 भावनात्मक संदेश: “माँ सिद्धिदात्री भक्तों के सभी कष्ट हरकर उन्हें जीवन में सफलता, सिद्धियाँ और मोक्ष का आशीर्वाद देती हैं।”

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Navratri 2025 Navratri Day 9 Siddhidatri Mata
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