Episode 3
सर रॉबर्ट रिचर्ड - साहिल खान क्या मैं इसकी वजह जान सकता हुँ
साहिल खान - दुनिया पहले तलवार और तीर कमान से जंग लड़ा करती थी फिर इंसान ने तरक्की की और बंदुक का उपयोग किया जंग लड़ने में , दुसरा विश्व युद्ध परमाणु हमले के बाद खत्म हुआ
दुनिया को कितना नुकसान हुआ यह बस वही लोग बता सकते हैं जिन्होने इन जंगों मे अपना सब कुछ खोया
सर रॉबर्ट रिचर्ड - फिर साहिल खान आप बता सकते है दुनिया में बढ़ते आतंकवाद को हम कैसे रोके
साहिल खान - अगर हम इन छोटी मोटी जंग के लिये भी जेटफोर्स जैसी ताकतों का इस्तेमाल करेंगे तो नतीजे में हमें दुनिया बहुत जल्दी खत्म होती नजर आयेगी
सर रॉबर्ट रिचर्ड - साहिल खान हमनें सोचा था हम साथ मिलकर इस प्रोजेक्ट को बनायेंगे
मगर लगता है अब किसी और की जरूरत है
साहिल खान - मैंने भी यही सोचा था
साहिल खान न्युटेक कम्पनी से अलविदा लेता है
न्युटेक कम्पनी के मालिक रॉबर्ट रिचर्ड , जनरल वीरेंद्र सिंह से बात करते हुये
रॉबर्ट - जनरल माफी चाहुँगा मगर जेटफोर्स प्रोजेक्ट के लिये अभी बहुत सारा वक्त चाहिये
जनरल - आखिर बात क्या है रॉबर्ट रिचर्ड इतना वक्त क्यों लग रहा है एक प्रोजेक्ट में
आखिर न्युटेक कम्पनी तकनीक के मामले में
बाकि कम्पनीयों से श्रेष्ठ है
रॉबर्ट - माफी चाहुँगा मगर जेटफोर्स प्रोजेक्ट में काम करने वाला इंजीनीयर इस प्रोजेक्ट को छोड़ चुका है
जनरल - मगर क्यों
रॉबर्ट - गलती मेरी है मैनें उसे पूरी बात नही बतायी थी
जनरल - मुझे उसकी सारी बात बताओ रॉबर्ट रिचर्ड
रॉबर्ट - ठीक है में सारी बात बताता हुँ
साहिल अमेरिका से जॉय सिटी लौट आता है अपने घर पर , यहाँ साहिल के पास अपना खुद का लेब है
सुबह 7:00 am
पॉस्टमैन डॉरवेल बजाता हुआ
साहिल खान - सुबह सुबह कौन है
साहिल खान डरवाजा खोलता है
पोस्टमैन - सर आपके लिये चिट्ठी है
साहिल खान - मेरे लिये चिट्ठी
पोस्टमैन - सर यहाँ हस्ताक्षर कर दिजिये
साहिल खान - हाँ करता हुँ
साहिल खान चिट्ठी को पढ़ता हुआ
" साहिल खान आपका प्रोजेक्ट फ्लाईंग मशीन हमें पसंद आया है आपने न्युटेक कम्पनी के साथ इस प्रोजेक्ट के लिये बात की थी मगर अब आप न्युटेक कम्पनी के साथ नही हैं यह खबर हमें कहाँ से मिली है आपको जानना जरूरी नही
साहिल खान आपको जानना यह है कि अब क्या , अब आप क्या चाहते है ?
साहिल खान सही मायने में हम आपकी मदद करेंगे आपको जिन भी चिजों की जरूरत है हम आपको पहुँचा देंगे , मगर यह बात हमारे ही बीच रहनी चाहिये हम भी दुनिया को बचाना चाहते हैं लेकिन कुछ लोग समझते ही नही विकास ही हर समस्या का हल है , विकास के साथ रहे तो बिना जंग के भी जीया जा सकता है हम ऐटिन्स हैं विकास ही हमारा लक्ष्य है
आगे के लिये बहुत बहुत शुभकामनाएँ "
साहिल अपने लेब में इस प्रोजेक्ट मे काम करता है साहिल को इस मशीन को बनाने के लिये सारी सुविधाये एटिन्स से मिल जाती है साहिल को महीने साल गुजर जाते है साहिल वह मशीन बना ही लेता है |
साथ ही साहिल एक मशीनी शुट डिजाइन करता है इसके अलावा भी साहिल उस शुट में उच्च स्तर के तकनीकों के उपकरण शामिल करता है
जैसे :- १) एक अड्वान्स हेलमेट -
• हेड - अप डिस्प्ले
• कैमरा
• रियर व्यु कैमरा
• टच पैड - हेलमेट के साइड में
२) मशीनी शुट - जो एक मिनी जेट से एक अॉरमर शुट में बदल सकती है -
३) जेटपोड - मशीनी शुट को और भी सुविधा देने के लिये
इसके अलावा भी साहिल के शुट में हर उस तरह की सुविधा थी जो उसे हर एक तरह के आपदा में आने वाली परिस्तिथियो से निपटने कि में मदद कर सके
चाहे वो आपदा प्राकृतिक हो या मानव निर्मित
उसके शुट के कुछ और उपकरण जो उसे दोनो तरह के आपदा में मदद कर सकते थे
जैसे उस शुट में जो हेंड पार्टस थे वो ट्रांसफोर्म हो कर हाइड्रोलिक हेंड मे चेंज हो सकते थे
साहिल अपने लेब में
साहिल ( मशीनी शुट को देखते हुये ) - क्या यह
मुझे एक बार ट्राय करना चाहिये,
नही नही पहले मुझे उन लोगों को बताना होगा
साहिल जेट मशीन के स्वीच पर अपनी अँगुली को रखता हुआ
एक मिनट
अगर में गिर गया तो ?
नही एक बार प्रयास करने मे ही क्या जाता है ?
और स्वीच दबा देता है
जो होगा देखा जायेगा
कहानी जारी है …………………..
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