Episode 4
शुट को चार्ज किया जा चुका था
सुपर कमप्युटर के स्क्रीन पर ' चार्जिंग कमप्लीटेड "
साहिल मशीनी शुट को ऑन करता है मीनी जेट आकृति कि यह शुट जो एक आरमर में ट्रांसफोर्म हो जाती है और साहिल वह शुट पहन लेता है और अब उड़ने की तैयारी करता है
मिनी जेट मशीन से धुआँ निकलता हुआ
साहिल के हेलमेट डिस्प्ले पर सब कुछ आ चुका था जैसे उसके सामने उपस्थित सब चिजों को स्केन करके उनसे सम्बन्धित सारी जानकारियाँ हेड डिस्प्ले पर आ चुकी थी
साहिल ऊपर की तरफ उठता हुआ
साहिल नें महसुस किया उसके पैर अब जमीन पर नही थे
गुरूत्वाकर्षण के नियम को तोड़ता हुआ साहिल आसमान की तरफ बढ़ रहा था
साहिल के हाथ में जेट स्पीड कंट्रोलिंग
था जो जेट मशीन की रफ्तार को नियिंत्रित करने के लिये था
साहिल हवा में बहुत देर तक उड़ता रहता है और अपने संतुलन को बनाये रखने की कोशिश करता है | आसमान में बहुत ऊँचाई में पहुँच जाने के बाद साहिल बहुत तेज गति से हवा में उड़ता है
साहिल - अॉह नॉ यह इतना आसान तो नही है
साहिल के हेडअप डिस्प्ले में मौसम से सम्बंधित जानकारियाँ आ रही थी
37 °C/°F
precip - 24%
humidity - 26%
Wind - 14 km/h
चलो गर्मी थोडी बहुत ही है मैं अपनी रफ्तार थोड़ी और बढ़ाकर देखता हुँ
हेडअप डिस्प्ले में
शुट पॉवर - 97℅
स्पीड - 398 km/h (248 mph)
साहिल शहर के ऊपर से उड़ता हुआ
साहिल - एक बार शहर का ऊपर से नजारा ले लिया जाये
साहिल कैमरे को एक्सट्रा जुम करता है
तभी उसे एक इमारत से धुआँ निकलता हुआ नजर आता है
साहिल : यह धुआँ कहाँ से आ रहा है
और साहिल उस इमारत की तरफ तेजी से उड़ कर पहुँचता हुआ और यहाँ फायरफाईटर आग बुझाने की कोशिश करते हैं मगर नही बुझा पाते
दमकल की २० गाड़ियाँ आग को बुझाने का काम कर रही थी | राहत बचाब का कार्य प्रारम्भ कर दिया जाता है मगर फायर फाईटर आग बुझाने में नाकाम होती है
साहिल उस इमारत के नजदीक पहुँचता है
उसके हेड अप डिस्प्ले में इमारत की स्केनिंग होती हुयी
साहिल - अॉह नो इमारत के सातवे फ्लॉर में लोग फँसे हुये है
सात मंजिलो का यह इमारत जो जल रहा है आग से
30 से ज्यादा लोगो को अब तक बचाया जा चुका है मगर सातवे इमारत में फँसे लोगों को अभी भी नही बचाया जा सका है अभी भी उनकी जान खतरे मैं है , फायरफाईटर अभी इस काम में जुटे हुये हैं अभी भी जद्दोजहद कर रहे हैं
तो आईये मिलते हैं उन सातवे मंजिल में फँसे हुये लोगो के रिश्तेदारो और परिजनो से
हाँ तो आपसे शुरू करती हुँ
सातवे मंजिल में फँसे एक शख्स के पिता (रोते हुये ) - मेरा बेटा अभी भी वहाँ फँसा हुआ है उसको जल्द से जल्द वहाँ से निकालो
माता जी आप क्या कहना चाहेंगी
माता - जी हमें तो हमारा बच्चा चाहिये और क्या कहे
मिस मिना भीड़ में एक शख्स की तरफ जाते हुये
जी तो हम एक आम नागरिक से पुछते हैं
मिस मीना - जी आप का नाम !
वह शख्स - बलवंत
मिस मीना - हा तो आप का क्या कहना है
बलवंत - देखिये गलती किसकी है कौन जिम्मेदार है सब बात बाद में होगी
सवाल सरकार पे उठता है के इस विकासशील देश में ऐसी घटनाओ पर जल्द से जल्द काम क्यो नही किया जाता , क्या इस देश की आर्थिक हालात इतने कमजोर हो चुके हैं कि इस तरह के आपदाओ पर भी कोई राहत बचाव का कार्य हो ही नही रहा और हो रहा है तो बहुत ही वक्त लग रहा है जब तक कि जन सम्पत्तियों को हानि हो चुका होता है
मिस मीना - तो देखा आपने कितने भावुक और हताश और आक्रोश हो चुके है आमजन , माँ बाप , रिश्तेदार और परिजन
मगर सवाल उठता है प्रशासन पर के क्यो नाकाम है हमारी प्रशासन लोगो को बचाने में क्या हमारे पास कोई साधन नही है या सरकार की लापरवाही दिन ब दिन बढ़ती जा रही है
हम पल पल जुड़े हुये है आप के साथ और इस हादसे की लाइव अपडेट देते रहेंगे
मैं हुँ रिपोर्टर मीना सिंह कैमरामैन राहुल के साथ देखते रहीये सिटी न्युज चैनल
तभी वहाँ के लोग एक शख्स को एक जेट मशीन के साथ उनकी तरफ आते हुए देखते हैं
तभी भीड़ में से एक आवाज - वो देखो वो कौन है
मिस मीना - कैमरामैन उसे रिकोर्ड करो देखो वो कौन है
पॉलिस स्पीकर से आवाज देते हुये - तुम जो भी हो वहाँ खतरा है वहाँ से हठ जाओ वहाँ से हठ जाओ
कहानी जारी है ……..
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