Episode 3
जैमर - आखिर , यह मॉडल बनने में इतने देर क्यों लगे रमेश कौनसी ऐसी बात आ गयी जो तुम्हे देश छोड़कर जाना पड़ा बिना मुझे बताये जबकि तुम वो इंजिनियर हो जो एटिन्स के नजरो में सबसे बेस्ट हो , एटिन्स का एक भरोसेमंद कर्मचारी
रमेश - मैं अपनी बात रख चुका हुँ जैमरमेरा घर परिवार है , बीबी बच्चे हैं मैं सरकार से छुपकर तुम्हारे लिये यह सारे प्रोजेक्ट बनाता हुँ जैमर मेरे लिये नही सिर्फ एटिन्स के लिये और तुम अब मुझपर ही शक कर रहे हो
जैमर - कोई ऐसी वजह लाओ जिससे मैं तुम पर शक नही करूँ रमेश
रमेश - जैमर तुम गलती कर रहे हो मुझ पर शक करकेजैमर अपनी टैबल के निचे से बंदुक निकालता हुआ रमेश के सामने तान देता है
रमेश - यह क्या , क्या कर रहे हो जैमरतुम मुझे मार देना चाहते हो
जैमर - एटिन्स में गद्दारी की कोई जगह नही है रमेशडॉ विलियमसन जो कि रमेश के पास वाली कुर्सी में बैठे हुये थेऔर जल्दी से जैमर के हाथ से बंदुक छीन लेते हैं
डॉ - क्या कर रहे हो जैमर , रमेश भाई हमारे एक भरोसेमंद साथी है तुम बिना सबुत इन पर कैसे शक कर सकते हो मुझे लगता है तुम्हे एक बार और रमेश भाई को मौका देना चाहिये
जैमर ( रमेश की तरफ देखते हुये ) - सिर्फ , डॉ विलि के कहने पर रमेश मैं तुम्हे एक मौका दे रहा हुँ
रमेश - अब कोई फर्क नही पड़ता जैमर , मैं यह टीम छोड़ रहा हुँ
जैमर - देखा डॉ अब तो इसे मारना ही पड़ेगा , नही तो यह हमारे सारे राज भारत सरकार को बता देगा
डॉ ( रमेश से ) - अरे रमेश भाई इसमें इतनी नाराज होने वाली बात क्या है जब हमारा मकसद एक ही है तो , क्यों ना हम मरते दम तक एक साथ रह कर काम करें
रमेश ( डॉ विल से ) - मुझे नही लगता के अब मुझे उनके साथ रहना चाहिये जो मुझपर एटिन्स को धोखा देने का आरोप लगा रहे हैं
डॉ ( रमेश से ) - रमेश भाई , कोई भी फैसला इतनी जल्दीबाजी मैं नही लेना चाहिये
डॉ ( जैमर से ) - जैमर , हमें रमेश भाई को सोचने का टाइम देना चाहिये
जैमर - मुझे कुछ नही पता , रमेश अगर अगली बार मुझे अगर तुम्हारे खिलाफ कुछ और सबुत मिले तो रमेश तुम्हारा परिवार , तुम्हारा चेहरा फिर कभी नही देख पायेगी
रमेश गुस्से से वहाँ से उठकर चला जाता है
डॉ विल ( जैमर से ) - मेरे ख्याल से जैमर तुम गलती कर रहे हो
जैमर - डॉ विलि शायद ही मेरा यह ख्याल गलत निकले लेकिन रमेश पर मैं नजर रखुँगा जरूर मगर आप बताइये डॉ विल आपका प्रोजेक्ट ह्युमन जेनरेशन नेक्सट लेवल कैसा चल रहा है
डॉ - भारत सरकार द्वारा इस पर जाँच करने के बाद इस पर प्रतिबंध लगा दिया गया हैं अगर यह सक्सेस हो जाता तो एटिन्स फौज इस दुनिया की सबसे ताकतवर फौज बन जाती फिलहाल में इस पर पर्सनली अपने लैब पर रिसर्च कर रहा हुँ बस एक बार यह प्रयोग सफल हो जाये फिर हम सारी दुनिया पर राज करेंगे
जैमर - हाँ उम्मीद है ऐसा ही हो
डॉ - अच्छा चलता हुँ जैमर
जैमर ( खड़े होकर )
जैमर - विकास हमारा लक्ष्य है
डॉ - हम है एटिन्स
जैमर अपने एक जासुस को इंजिनियर रमेश के पीछे उसकी जासुसी करने में लगा देता है क्योंकि जैमर को रमेश पर शक हो चुका था कि यह एटिन्स को कहीं ना कहीं धोखा दे रहा है
रमेश शर्मा अपने घर आता है जल्दी बाजी में अपनी पत्नी से कहता है निलिमा मेरी बात सुनो
निलिमा - हाँ रमेश बोलिये
रमेश - मेरी बात ध्यान से सुनो निलिमा
निलिमा - अब हुआ क्या बोलोगे भी
रमेश - मेरी जान खतरे में हैं वो लोग मुझे कभी भी मार सकते हैं
निलिमा - कौन आप को मारना चाहते है आप क्या कह रहे हैं मुझे तो कुछ समझ में नही आ रहा है
रमेश - मैं यह फ्लाइट की टिकिट लाया हुँ आज शाम की फ्लाइट है तुम मेरी चिंता मत करो निलिमा , बस अंकिता का ख्याल रखना अंकिता , रमेश और निलिमा का इकलौती संतान थी जो कि सिर्फ अभी ७ साल की ही थी
निलिमा ( रोते हुये ) - आप को अगर खतरा है तो आप भी हमारे साथ क्यों नही चलते हैं रमेश - मैं नही जा सकता निलिमा , मैं नही चाहता कि मेरे वजह से तुम दोनो को कोई खतरा पहुँचे निलिमा तुम चली जाओ यहाँ जैसे ही सब कुछ सही होता है मैं तुम्हे लेने पहुँच जाऊँगा
जैमर का जासुस :- सर आपका शक सही था रमेश अपनी बीबी को कही पर भेजना चाहता है
जैमर - जान से मारो डालो रमेश को
जासुस - ठीक है सर
रमेश अपनी बीबी से - जल्दी से बेग पेक करो निलिमा जल्दी से
निलिमा ( अंकिता से ) - बेटा चलो हमे जाना होगा
रमेश अपनी बीबी और अपनी बेटी को कार में बिठाता है
रूक जाओ रमेश , रमेश की तरफ बंदुक दिखाता हुआ जैमर का जासुस
रमेश जल्दीबाजी में गाड़ी के अंदर जाता है ,तभी वह रमेश पर एक गोली चला देता है जो उसके हाथ पर लग जाती है |
निलिमा - नही......... रमेश
अंकिता - पापा ................
रमेश कार के अंदर ड्राइविंग सीट पर किसी तरह गाड़ी चलाता है
रमेश - मुझे कुछ नही हुआ है निलिमा मैं ठीक हुँ
निलिमा - रमेश तुम पहले हॉस्पितल की तरफ लो तुम्हारे हाथ से बहुत ज्यादा खुन बह रहा है
जैमर का जासुस भी कार मैं बैठकर उसका पीछा करता है
दोनो कारो में एक रेस जैसा छिड़ जाती है
रमेश - निलिमा पीछे कि तरफ देखो , क्या कोई कार हमारी पीछा कर रही है या नही
निलिमा - हाँ
रमेश - ऑह नॉ
रमेश कार को एक शोर्ट रास्ते पर ले लेता है , जो गाँव की तरफ थी
अंकिता - मम्मी पापा हमें कहाँ ले जा रहे हैं , और वो लोग हमारा पीछा क्यों कर रहे हैं
जैमर का जासुस ( जैमर से ) - सर में उसके कार का पीछा कर रहा हुँ मुझे यह लॉकेशन पता नही है , वो मुझे किसी पीछड़े इलाके कि तरफ ले जा रहा है
जैमर - तुम्हारा लॉकेशन चेक करके में वहाँ पहुँच रहा हुँ
अपनी तीव्र गति से बढ़ता रमेश का कार कच्चे रास्ते पर स्लिप खाती हुयी एक पेड पर जा टकरताती है वही जैमर का जासुस अपनी कार लेकर उनके कार में साइड से टक्कर मारता है
जिससे गाड़ी दुर जाकर उलट जाती
रमेश उल्टी हुयी गाड़ी से अंकिता को बाहर निकलता है कार में मौजुद निलिमा बेहोश हो चुकी थी रमेश गाड़ी से बाहर निकलकर , अंकिता को भाग जाने के लिये कहता है क्योंकि सामने जैमर का जासुस बंदुक ताने खड़ा था
रमेश - रूक जाओ गोली मत चलाना , मेरी बीबी कार के अंदर है , रूको उसे मत मारना
जासुस - क्या तुम्हारी बीबी एटिन्स के लिये खतरा नही बन सकती है
रमेश - मैं तुमसे वादा करता हुँ वो ऐसा कुछ नही करेगी , मैं उन्हे बहुत दुर भेज दुँगा
जैमर का जासुस - गोली चला देता है
जोकि जाकर रमेश के सीने पर लगता है निलिमा बेहोश कार के अंदर थी , जैमर का जासुस उस पर भी गोली चला देता है
जैमर वहाँ पहुँच जाता है रमेश कि पड़ी लाश को देखकर उसके पास जाता है और अपने पैर से उसके लाश को सीधा करता है
जैमर - मैने कहा था ना कि तुम मरोगे
जैमर , इसकी बीबी और बच्ची कहाँ है
जैमर का जासुस - बच्ची तो जंगल के अंदर भाग गयी है , मैने इसकी बीबी को भी मार दिया सर
जैमर - अबे पागल हो गया क्या हमारी दुश्मनी उसके परिवार से नही थी
जैमर अपने जेब से बंदुक निकालकर उस जासुस को भी वही मार देता है
जैमर अपनी टीम से - बच्ची को जंगल में ढुँढो और मेरे पास लाओ
कहानी जारी है ………….
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