सायबरबर्ड ( श्येन से ) - क्या तुम्हे लगता है कि हम सही लोगों के साथ हैगृध्र ( सायबर से ) - देखो जो भी बोलना सोच समझकर बोलना समझेश्येन ( गृध्र की तरफ उसे रोकता हुआ सायबरबर्ड से ) - तुम्हारे कहने का मतलब क्या हैसायबरबर्ड - क्या तुम दोनों ने इस चीज को महसुस नही किया कि अंकिता खुद अपनी मर्जी से जेटफोर्स के पास गयी हैगृध्र - तुम्हारे कहने का मतलब क्या है साफ साफ बताओगेसायबरबर्ड - अंकिता ने हमें धोखा दिया हैश्येन ( सायबरबर्ड से ) - नभचर शहीद हो गया है मैं इस टीम के और किसी साथी को खोना नही चाहता समझे , इसलिये अपना मुँह बंद रखो
कैप्टन यांत्रिक पीछे दिवार के सहारे अँधेरे में उन तीनो की बाते सुन रहा था ,उनकी बाते सुनकर थोड़ी देर के लिये कुछ सोचता है
ज्वालिका - वहाँ आकर तुम तीनों यहाँ क्या कर रहे हो , अंकिता , दुश्मन फौज के हाथो में है अब तक तो शायद वह मर चुकी होगी
और तुम तीनो को कोई फिक्र है कि नही
तीनों सर निचे करके वहाँ से चले जाते हैं
कैप्टन यांत्रिक अपने हाथों पर बंदुक लिये जैमर कि तरफ बढ़ता है
जैमर अपनी कुर्सी पर बैठा हुआ बहुत गहन चिंता में था
जैमर कि नजर , कैप्टन यांत्रिक और उसके हाथों ने पकड़ी हुयी बंदुक पर जाती है
जैमर - तुम्हारे हाथों में बंदुक क्यों है कैप्टनकैप्टन - मैं अभी अभी सायबरबर्ड की बात सुन कर आया हुँजैमर - हाँ हाँ , क्या कह रहा था वोकैप्टन - यही कि अंकिता खुद कि मर्जी से ही जेटफोर्स कि पकड़ में आयी हैयानि कि उसने हमसे गद्दारी की है ,जैमरजैमर ( चिल्लाकर ) - क्या ? , तो देख क्या रहे हो बंदुक ले जाकर सारी गोलियाँ उतार दो सायबरबर्ड के बदन में
मरना चाहते हैं सबके सब , पागल हो चुके है
कैप्टन यांत्रिक ( संकोच के साथ ) - मगर जैमर अगर सायबरबर्ड सही कह रहा है तब
जैमर - क्या ? कैप्टन तुम भी ?
कैप्टन - हाँ जैमर , मुझे भी यही लगता है
जैमर ( दु:ख भरे चेहरे के साथ टेबल पर दोनो हाथ जोर से मारता हुआ ) - नही यह , क्यों किया तुमने अंकितातुम्हें अपनी बेटी कि तरह पाला और तुम अब मेरे ही खिलाफ चली गयीयह बहुत ही बुरा किया तुमने
आखिर तुम भी अपने पिता कि तरह निकली
कैप्टन - क्या ? पिता ?जैमर क्या तुम अंकिता के पिता को जानते हो
जैमर - हाँ कैप्टन
रमेश शर्मा नाम था उसका , हमारे लिये बंदुको , हथियारों को डिजाइन करता था बड़ा काबिल इंसान था , मगर पता नही उसने हमको धोखा देना क्यों शुरू कर दियाऔर फिर उसे रास्ते से हटाना पड़ा , और अफसोस की बात यह है कि इन सब में उसकी बेकसुर पत्नी भी जान गवा बैठी
कैप्टन - इसका मतलब है तुमने अंकिता के पिता को मरवाया था
जैमर - हाँऔर अब लगता है , अंकिता को भी ........
कैप्टन , जैमर कि तरफ देखता हुआ सर निचे कर चला जाता है
बंगाल की खाड़ी से सटा वो छोटा सा द्विप जहाँ बहुत ही पुराना एक खंडहर जो किसी जमाने मे छुपने के लिये बनाया हुआ कोई किला होगा
आसमान में उड़ता हुआ एक जेट विमान दो मिनी रॉकेट लोंच करता है जो एक के बाद एक उस टुटे फुटे किले के दिवारो से जा लगते हैं और विस्फोट हो जाता हैं
यह विस्फोट इतनी जोर से हुये थे कि उस सुनसान खाड़ी में वो आवाज किसी ज्वालामुखी फटने पर हुये आवाज की तरह गुँजी थी
उस खंडहर को तहस नहस कर वायु की गति पाकर वह जेट विमान हवा में उड़ गया
किले के अंदर , अंडर ग्राउंड चैम्बर में रेड सायरन बज उठता हैअंडर ग्राउंड चैम्बर के अंदर एक सदस्य माइक से ऐलान करता हुआ - हम पर हमला हुआ हैहम पर हमला हुआ है
जैमर का एक कर्मचारी (जैमर के ऑफिस रूम में आकर) - सर हम पर किसी ने जेटविमान से हमला किया हैजैमर - गुस्से में टेबल को उठाकर फेंकता हैऔर जोर से चिल्लाकर कहता हैतैय्यार हो जाओ जेटफोर्स आ चुकी है
कुछ ५०-६० मामुली हथियारेजैमर फोर्स में फाईटिंग डिफेंस करने वाले टीम के दो मेंम्बरऔर इक्के दुक्के आधुनिक हथियार जो जेटफोर्स को थोड़े समय के लिये रोकने में काम आता है
जेटफोर्स ने एयरक्रफ्टों की मदद से उस ठिकाने पुरी तरह चारों तरफ से घेर लिया थाजैमर फोर्स ने भी अपने बचाव में अपने डिफेंड के लिये सामने आ चुकी थी
और देखते ही देखते जेटफोर्स और जैमर फोर्स के बीच सुनसान पड़े उस द्वीप में एक जंग छीड़ गयीबंकर के खुलते ही एक के बाद एक अत्याधुनिक एयरक्राफ्ट निकलकर जेटफोर्स पर मिन मिसाइलों से हमला करने लगीजेटफोर्स के सैनिक भी "VATT" पार्टस पहने हुये थे मगर इन सैनिकों के आरमर इतने शक्तिशाली नही थे यह बस हवा में उड़ सकने और अपनी रक्षा करने वाले तकनीक ही रखते थे
पुरी तरह से तहस नहस होकर वह खंडहर चारो और मलबो में बदल रहा था
क्वीन जेट से निकलकर साहिल और सिड दोनो बंकर के अंदर प्रवेश करते है
दोनो ने ही "VATT" version of artillaration transformation technology पार्टस पहना हुआ होता हैजेटफोर्स के तकनीकी वैज्ञानिकों की टेक्नॉलॉजी और साहिल के जेटवर्जन की टेक्नॉलॉजी को मिलाकर बनाये गये ये ह्युमन सेफ्टी आरमर्स थे
साहिल ने JETVATT पार्टस पहना रखा था वही सिड ने TANKVATT पार्टस पहन रखा था
जहाँ बाहर जेटफोर्स और जैमर फोर्स के बीच वायु में हवाईजंग चल रही थी वहीबंकर के अंदर जेटडिफेंडर साहिल और सिड की जोड़ी ने जैमर फोर्स के कुछ सैनिकों को खत्म कर दिया था
मगर अब साहिल और सिड के सामने थे जैमर फोर्स के ब्रेगिडियर्स श्येन और गृध्र दो भाईयों की जोड़ी
साहिल और सिड के सामने उन्हें जैमर तक ना पहुँचने के लिये रोकने मे खड़े थे ब्रेगिडियर ब्रद्रसयानि कि श्येन और गृध्र
सिड :- हट जाओ हमारे रास्ते से
गृध्र - यह तुम कह रहे हो , तुम्हे तो मैने पहले भी रास्ते से हटाया था
सिड अपने आरमर से एक मिनि मिसाइल लाँच करता है वहीब्रेगिडियर श्येन अपने आरमर से ३डी शिल्ड को ऑपन करता है जिससे उन दोनो के चारो और एक सुरक्षा कवच बन जाता है
सिड और साहिल के लगातार मीनी मिसाइल और अंधाधुँध गोलियों कि बौछार के कारण बहुत ही जल्द से उनके चारो और सुरक्षा कवच का प्रभाव कम होने लगता हैऔर आखिरकार दोनो मिसाइल कि विस्फोट में आ जाते है
दोनो बहुत दुर जाकर गिरते है
साहिल - मैं इनके करीब जाकर देखता हुँसिड - रूको यह इतनी जल्दी हार नही मानेंगे लगता है
साहिल के नजदीक जाने पर श्येन साहिल पर अचानक उठकर वार करता है और साहिल को उठाकर दुर फेंक देता है
वही गृध्र , उड़कर अचानक सिड की तरफ बढ़कर उसे गिरा देता है
साहिल अब उठकर श्येन के सामने खड़ा था
श्येन :- अब तक बच्चो वाली लड़ाई हो गयी चलोअब बड़ो कि तरह लड़ ले
साहिल :- तुम्हार मतलब है हैंड टु हैंड कॉम्बेट , चलो मरने के लिये ही जेटफोर्स जॉइन किया था
कहानी जारी है …………
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