360degreetv

Our Social Network

author Coder Beta Oct 08, 2025

Karva Chauth , प्यार, विश्वास और आशीर्वाद का अद्भुत संगम

करवाचौथ, पूजा करने का सही समय क्या है, नई शादीशुदा जोड़ों को क्या करना चाहिए और क्या नहीं करना चाहिए, व्रत कैसे करें

Blog Image

Karva Chauth , पूजा विधि, सामग्री और मंत्र

 

 

जहाँ चाँद और छलनी से पहले होती है सच्चे प्रेम की आराधना।

 

 एक ऐसा पर्व जो सिर्फ़ सजने-संवरने का नहीं बल्कि प्यार, समर्पण और आस्था का प्रतीक है।
हर सुहागन इस दिन अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती है ,  बिना पानी की एक बूंद तक पीए, सुबह से लेकर चाँद निकलने तक।

सुब्ह की सरगी से शुरू होकर रात के चाँद दर्शन तक, ये दिन हर पत्नी के दिल में भावनाओं की लहरें जगाता है।
मेहंदी की खुशबू, साड़ी की लहराती पल्लू और छलनी के पार से झलकता वो पल , जब पत्नी की आँखें अपने पति से मिलती हैं ,  वही तो असली करवा चौथ है! 

 

व्रत कब और कैसे रखा जाता है?

सरगी का समय:
व्रत की शुरुआत सूर्योदय से पहले सरगी खाने से होती है। इसे सास अपनी बहू को देती है, जिसमें फल, सूखे मेवे, पराठे और मिठाई होती है।
 सरगी सुबह 4:00 AM से 5:00 AM के बीच खाई जाती है।

व्रत का समय:
सरगी के बाद स्त्रियाँ पूरा दिन निर्जला व्रत (बिना पानी-पिए) रखती हैं।
व्रत सूर्योदय से लेकर चाँद निकलने तक चलता है।

चाँद निकलने का समय (2025 अनुमानित):
शाम को 7:50 PM से 8:20 PM के बीच चाँद दर्शन का मुहूर्त रहेगा (स्थान अनुसार थोड़ा अंतर संभव)।

 

व्रत में क्या नहीं करना चाहिए:

1. दिनभर सोना या आलस्य करना शुभ नहीं माना जाता।
2. किसी से झगड़ा या बुरा बोलना व्रत की शुद्धता को कम करता है।
3.मांसाहारी भोजन, शराब, या नकारात्मक विचारों से बचना चाहिए।
4. पूजा से पहले कोई भी मेकअप या बाल कटवाना नहीं करना चाहिए।
5. पति या परिवार के किसी सदस्य का अपमान वर्जित माना गया है।

 

नई शादीशुदा जोड़ों के लिए क्या ज़रूरी है?

 पहला करवाचौथ हर नवविवाहिता के लिए बहुत विशेष होता है।
यह व्रत न केवल पति की दीर्घायु के लिए होता है, बल्कि दोनों के बीच भावनात्मक जुड़ाव को और मजबूत करता है।

1. सास से सरगी लेना शुभ माना जाता है ,  यह आशीर्वाद का प्रतीक होता है।
2. दोनों एक-दूसरे के लिए आभार व्यक्त करें , यही व्रत की आत्मा है।
3. पति को चाहिए कि वह भी पत्नी के साथ पूरा दिन सहयोग करे, ताकि व्रत एक साझा प्रेम का उत्सव बन जाए।
4. रात में चाँद देखने के बाद पति पत्नी को पहला जल और निवाला अपने हाथों से दें ,  यह जीवनभर साथ निभाने का संकेत है।

 

चाँद देखने का क्षण , दिल को छू जाने वाला पल:

जब छलनी के पार से पत्नी चाँद को देखती है, और फिर उसी छलनी से अपने पति का चेहरा निहारती है ,,
वो पल जैसे समय ठहर जाता है।
उस मुस्कान में सुकून, आस्था और प्रेम का संगम होता है।
यही करवा चौथ की सच्ची खूबसूरती है ,,
एक दिन का व्रत, लेकिन जीवनभर की मोहब्बत का वादा। 

 

पूजा की तैयारी:

करवा चौथ की पूजा सामग्री:

करवा (मिट्टी का पात्र) : जिसमें जल भरा जाता है।

दीया (घी का दीपक) : अखंड ज्योति के रूप में जलाया जाता है।

रोली, चावल, हल्दी, सिंदूर, कपूर : पूजा और तिलक के लिए।

मिठाई और फल : भोग के रूप में।

सात पूड़ी और मीठा पका भोजन : पूजा में चढ़ाया जाता है।

छलनी और स्टील का लोटा/थाली : चाँद दर्शन के समय प्रयोग होता है।

सोलह श्रृंगार का सामान : सुहाग का प्रतीक।

चाँद की तस्वीर या आसमान का दृश्य स्थान : चंद्र दर्शन के लिए।

 

पूजा का शुभ मुहूर्त (2025 अनुमानित):

 शुरुआत: शाम 5:46 PM से
 समापन: रात 7:02 PM तक
(चाँद दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है)

 

पूजा विधि :

संध्या समय स्नान करें : और नए, लाल या गुलाबी वस्त्र पहनें।

पूजा स्थान पर लाल कपड़ा बिछाएं, उस पर करवा, दीया, और पूजन सामग्री रखें।

गौरी माँ या माता पार्वती की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।

दीया जलाएं, और मन में व्रत की भावना से संकल्प लें।

करवा में जल भरकर भगवान शिव, माता पार्वती और चंद्रदेव को अर्पित करें।

करवा चौथ कथा सुनें या पढ़ें :यह व्रत का सबसे महत्वपूर्ण भाग होता है।

सब सुहागिन महिलाएँ मिलकर गीत गाती हैं:
“अब तो आजा चंदा, मुझको प्यारा लगता है।”

चाँद निकलने पर छलनी से पहले चाँद, फिर पति को देखें।

पति के हाथों से जल ग्रहण कर व्रत खोलें।

 

करवा चौथ मंत्र :

 व्रत संकल्प मंत्र:

"मम सुखसौभाग्यसिद्ध्यर्थं सौम्याय सवितृसुताय सोमाय करिषये।"
(अर्थ: अपने पति की दीर्घायु और सौभाग्य के लिए मैं यह व्रत रखती हूँ।)

 चंद्र पूजन मंत्र:

"ओम चन्द्राय नमः।"
"ओम सोमाय नमः।"
(इस मंत्र से चंद्रदेव का पूजन करें और आशीर्वाद प्राप्त करें।)

व्रत खोलने का पवित्र क्षण:

जब छलनी के पार चाँद और पति का चेहरा एक साथ दिखता है —
वो क्षण सिर्फ़ रोमांटिक नहीं, बल्कि आत्मिक जुड़ाव का प्रतीक होता है।
पति जब पत्नी को पहला जल और निवाला देता है,
तो यह मानो जीवनभर के साथ का वादा बन जाता है। 

 

छोटा सा संदेश नई जोड़ों के लिए:

करवा चौथ कोई बोझ नहीं ,  यह प्रेम की सच्ची परीक्षा और परंपरा का उत्सव है।
अगर आप पहली बार ये व्रत रख रही हैं,
तो याद रखें ,  यह सिर्फ़ भूखे रहने का दिन नहीं, बल्कि एक-दूसरे की भावनाओं को महसूस करने का अवसर है।
थोड़ा सजें, मुस्कुराएं, और इस दिन को अपनी love story का सबसे यादगार दिन बना लें ..

करवा चौथ की पाँचों पूर्ण कथाएँ

(पूजा में पढ़ने योग्य स्वरूप में) 

Click Me

Blog Comments (0)

Leave a Comment

Tags
#KarvaChauth2025 #FestivalOfLove #IndianTraditions
Share:
Website Logo

360degreetv is your hub for the latest in digital innovation, technology trends, creative insights. Our mission is to empower creators, businesses, valuable resource.

© 2025 360degreetv, Inc. All Rights Reserved.