यह कहानी एक अनाथ बच्चे जेम्स की है, जिसे डॉक्टर विलियमसन अपनाते हैं। डॉक्टर विलियमसन एक वैज्ञानिक हैं, लेकिन ज़िंदगी में उन्हें कभी कोई बड़ी सफलता नहीं मिली। इसी कारण वह ग़ैर-क़ानूनी तरीके से दूसरे देशों के लिए काम करने लगते हैं। डॉक्टर विलियमसन ने एक ऐसा केमिकल सिरम बनाया था जिससे इंसानों की क्षमता कई गुना बढ़ाई जा सके। लेकिन जब इस केमिकल सिरम का परीक्षण सरकार द्वारा किया गया तो दूसरे वैज्ञानिकों ने इसे इंसान के लिए ख़तरा बताया। इसके बाद सरकार ने डॉक्टर विलियमसन को इस केमिकल सिरम का प्रयोग इंसानों पर करने से मना कर दिया। इस फैसले के बाद डॉक्टर विलियमसन का इस केमिकल सिरम पर लगाया गया सारा पैसा बर्बाद हो गया और उन्हें कोई फायदा नहीं हुआ। निराश होकर डॉक्टर विलियमसन ने पड़ोसी दुश्मन मुल्क से हाथ मिला लिया और अपने ही देश के ख़िलाफ काम करने लगे। इसी बीच जेम्स बड़ा होता गया, स्कूल से कॉलेज तक पहुँच गया। जब जेम्स परिपक्व हुआ तो डॉक्टर विलियमसन को अपने केमिकल का परीक्षण करने के लिए सही इंसान मिल गया। एक दिन डॉक्टर विलियमसन जेम्स को लैब में ले जाते हैं और उससे झूठ बोलते हैं कि वे उसे किसी वायरस से बचाने के लिए एक इंजेक्शन लगाएंगे। असल में वही पुराना ख़तरनाक केमिकल सिरम था। जेम्स बिना कुछ सोचे समझे इंजेक्शन लगवाने के लिए तैयार हो जाता है। जैसे ही इंजेक्शन उसकी नसों में जाता है, जेम्स अपने शरीर में अजीब परेशानी महसूस करता है। घबराकर जेम्स वहाँ से भागने लगता है। डॉक्टर विलियमसन उसे रोकने की कोशिश करते हैं, मगर जेम्स वहाँ से बहुत दूर निकल जाता है। भागते-भागते वह एक सुनसान रास्ते पर बेहोश होकर गिर पड़ता है। उसी रास्ते से एक व्यक्ति शहर की ओर जा रहा होता है। वह जेम्स को बेहोश हालत में देखता है और उसे अपने घर ले आता है। जब जेम्स को होश आता है, तो वह खुद को पहले से कहीं अधिक ताकतवर महसूस करता है। उधर डॉक्टर विलियमसन जेम्स की तलाश जारी रखते हैं, क्योंकि उनका इरादा जेम्स को सरकार के खिलाफ इस्तेमाल करने का था। एक दिन जब जेम्स शहर लौटता है, तभी कुछ चोर बैंक से चोरी करके भाग रहे होते हैं। जेम्स अपनी नई शक्ति का उपयोग करके उन चोरों को पकड़ लेता है और उन्हें पुलिस के हवाले कर देता है। यहाँ एक जोरदार एक्शन सीन होता है। जेम्स के इस साहस को देखकर पुलिस उसके दोस्त बन जाती है। दिन-ब-दिन जेम्स अपनी ताकत का इस्तेमाल अच्छे कामों में करने लगता है। जेम्स अपने लिए एक सुपरहीरो कॉस्ट्यूम तैयार करता है ताकि उसके दुश्मन उसे पहचान न सकें। धीरे-धीरे जेम्स पूरे शहर के लिए एक हीरो बन जाता है। शहर में कहीं भी अपराध होता, तो सबसे पहले वही पहुँचता था। लेकिन नक़ाब पहनने की वजह से कोई उसकी पहचान नहीं कर पाता था। शहर के लोग उस रहस्यमयी हीरो के बारे में बातें करते रहते थे। उधर, डॉक्टर विलियमसन अपने लैब में उसी केमिकल सिरम पर और शोध करते रहते हैं। एक दिन जेम्स उनसे मिलने आता है और अपनी शक्तियों के बारे में बताता है। डॉक्टर विलियमसन उसे बहकाते हैं कि वे उसे और भी शक्तिशाली बना देंगे। वह जेम्स को फिर से एक नए प्रयोग के लिए कहते हैं। लेकिन इस बार जेम्स मना कर देता है। डॉक्टर विलियमसन उसे कई बार समझाने की कोशिश करते हैं, लेकिन जेम्स हर बार इंकार कर देता है। जेम्स के इस व्यवहार से परेशान होकर डॉक्टर विलियमसन उसे सच्चाई बता देते हैं कि वह एक अनाथ बच्चा है और उन्होंने ही उसे पाला था। यह सुनकर जेम्स बहुत दुखी हो जाता है। आँखों में आँसू लिए वह हैरानी से डॉक्टर विलियमसन को देखता है। गुस्से में डॉक्टर विलियमसन जेम्स से कहते हैं कि वह अब उनके घर से चला जाए। जेम्स वहाँ से निकल जाता है। वह उसी व्यक्ति के पास चला जाता है जिसने उसे बेहोश अवस्था में उठाकर अपने घर लाया था। उस व्यक्ति का नाम प्रोफेसर जेरॉन है, जो एक लाइब्रेरी चलाता है। जेम्स वहीं रहने लगता है और लाइब्रेरी में काम करने लगता है। प्रोफ़ेसर जेरॉन धीरे-धीरे उसका मार्गदर्शक और दोस्त बन गया। और उसने जेम्स को एक क्रिस्टल दिया जो वो अपने साथ रखता था। उधर, डॉक्टर विलियमसन परेशान होकर सरकार से अपने प्रयोग को दोबारा शुरू करने की अनुमति मांगते हैं, लेकिन सरकार हर बार उनकी याचिका ठुकरा देती है। दूसरे देश से भी उन पर दबाव बढ़ने लगता है। हताश होकर डॉक्टर विलियमसन वही केमिकल खुद पर इस्तेमाल कर लेते हैं। जैसे ही कुछ बूंदें उनके शरीर में जाती हैं, वे अपना संतुलन खो बैठते हैं और पूरा केमिकल उनके शरीर में चला जाता है। वह बेहोश होकर गिर जाते हैं। इस बीच जेम्स अपनी जिंदगी जी रहा होता है और शहर का हीरो बना रहता है। कुछ देर बाद जब डॉक्टर विलियमसन को होश आता है, तो वह अपने शरीर में बदलाव महसूस करते हैं। धीरे-धीरे उनका रंग हरा होने लगता है, आँखें बड़ी हो जाती हैं, पीठ से दो पंख निकल आते हैं, और एक लंबी पूँछ उभरती है। उनका शरीर एक विशालकाय राक्षस का रूप ले लेता है। वे अपने होश पर काबू नहीं रख पाते और अपना लैब तबाह कर देते हैं। उनके मुँह से आग निकलने लगती है। जब वे बाहर आते हैं, तो लोग उन्हें देखकर डर जाते हैं। भय और अफ़रा-तफ़री के माहौल में वह दैत्य (Giant) लोगों पर हमला करने लगता है। इसी वक्त शहर का हीरो यानी जेम्स वहाँ पहुँचता है और उस राक्षस को रोकने की कोशिश करता है। लेकिन वह असफल रहता है। लड़ाई के दौरान वह राक्षस जेम्स को उठा लेता है और उड़कर दूर फेंक देता है। जेम्स एक सरकारी लैब में गिरता है, जहाँ एक अत्याधुनिक लेज़र मशीन की सुरक्षा की जा रही होती है। जेम्स ने महसूस किया कि वो क्रिस्टल उस मशीन के किसी एक हिस्से में लगाया जा सकता है। जेम्स ने उसकी शक्ति को समझा और उसे मशीन में लगा कर पहन लिया। अब वह “लेज़र मैन” बन चुका होता है। वह आसमान में उड़ते हुए उस राक्षस पर हमला करता है। दोनों के बीच भीषण युद्ध होता है। राक्षस शहर पर आग बरसाता है, इमारतें जलने लगती हैं, लोग जान बचाने के लिए भागते हैं। जेम्स पूरी ताकत से लड़ता है, लेकिन कई निर्दोषों की जान चली जाती है। आख़िरकार, जेम्स अपने लेज़र की किरणें उस राक्षस की आँखों पर मारता है। राक्षस अंधा हो जाता है और जेम्स उस पर पूरी तरह हावी हो जाता है। जेम्स उसे गिरा देता है। पुलिस पहुँचती है और राक्षस को पकड़ लेती है। धीरे-धीरे राक्षस फिर से डॉक्टर विलियमसन के रूप में बदल जाता है। पुलिस जेम्स को भी पकड़ लेती है। जब जेम्स अपना नक़ाब हटाता है, तो सब लोग पहचान जाते हैं कि वही जेम्स ही असली हीरो है। पुलिस यह देखकर उसे छोड़ देती है, क्योंकि उसने शहर को अपराधियों से बचाने में बहुत मदद की थी। सरकार डॉक्टर विलियमसन को अपराधी घोषित करती है और उन्हें उच्च सुरक्षा वाली जेल में भेज दिया जाता है। बाद में सरकार शहर में एक पुरस्कार समारोह आयोजित करती है, जहाँ शहर के हीरो जेम्स को सम्मानित किया जाता है। सरकार उसे वह लेज़र मशीन सौंप देती है ताकि वह शहर की रक्षा करता रहे। अब जेम्स सरकार के लिए काम करने लगता है। दिन बीतते जाते हैं, लेकिन उसके मन में अब भी यह सवाल उठता रहता है — “मेरे असली माता-पिता कौन थे?” वह अपनी ज़िंदगी इसी सवाल के साथ आगे बढ़ाता है, लोगों की मदद करता है और शहर की रक्षा करता रहता है।
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