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author Nijamul Jan 24, 2026 5 min

Parvaaz E Ababeel Episode 11

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साहिल कि जिंदगी में यह जंग ही अंत नही था  साहिल की जिंदगी मैं उसे अभी और भी जंग लड़ने थे
और उन में एक युद्ध तो अभी बाकि था , जो उसने आधा अधुरा छोड़ा था 

इस्लामिक मिलिट्री फोर्स के जंग जितने के बाद एक 
विक्टरी सेरोमनी के बाद ,
साहिल यह निर्णय लेता है कि वो अब अलीफ नगर शहर में जायेगा , जहाँ उसकी बचपन कि यादें है जहाँ उसने अपने माँ बाप को खोया , और वहीं वो जाकर अपनी जिंदगी को पुरी करेगा
और जब जरूरत होती तो वो इस्लामिक मिलिट्री फोर्स मेे शामिल होता रहेगा

साहिल , कुछ वक्त के लिये फौज का कमान वक्कार को सौंप देता है

इससे पहले :-
आरिब कि आरमार टेक्नॉलॉजी एडवांस थी , जिससे इस्लामिक मिलिट्री , आरिब का पता नही लगा पाये
आरिब बहुत पहले ही अलीफनगर में आकर एक ऑर्गेनाइजेशन बना चुका था जिसका नाम "रिबिल्डर्स " था
यह उन शातिर इंजिनियर्स कि एक टीम थी जिनका मकसद बस दुनिया कि तबाही और फिर अपने हिसाब से हुकुमत कायम करना था

यह लोग पहले अलीफ नगर को अपने नियंत्रण में लेना चाहते थे , शहर के लैब में ऑर्गेनाइजेशन का समुह एकत्रित होकर किस तरह इस ऑरिगेनाइजेशन को इनक्रिज करें इस पर निरंतर मिटिंग होती रहती थी

साहिल खान के अलीफ नगर पहुँचने से पहले ही , साहिल अलीफनगर के वर्तमान परिस्थिति का जायजा ले लेता है
साहिल खान जान चुका था कि , रिबिल्डर्स ऑर्गेनाइजेशन उसके लिये एक चुनौती है ,

साहिल खान ने अपने लैब में आबाबील आरमर के फ्युचर प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने कि सोची , वह एक ऐसा आरमर बस्टर बनाने के काम में लग गया जो , उसे हर हाल में जीत दिलाकर रहता

मगर अभी तक साहिल यह नही जान पाया था कि आरिब ने ही साहिल को मारने की कोशिश कि थी

साहिल , आरिब से आकर उसके लैब और उसके ऑर्गेनाइजेशन से मिलता है
साहिल वहाँ शहर के सबसे अमीर व्यक्ति ताहिर मलिक और अलीफ नगर लोकसभा क्षेत्र के वर्तमान अध्यक्ष आसिफ पठान से मिलता है

साहिल , यहाँ जासुसी करने के मकसद से आया था , मगर साहिल को कोई ऐसा पुख्ता एविडेंस नही मिलता है

रिबिल्डर्स ऑर्गेनाइजेशन कि एक मिटिंग

समुह कै घेरे में एक कुर्सी पर बैठा आरिब जो अपने , इंजिनियर्स के सामने , 
सिर पर अर्थात् कपाल पर हाथ रखे कुछ सोच रहा था जो कि गहन चिंता में खोया हुआ था , आसपास उपस्थित लोग उसके कुछ कहने का इंतेजार कर रहे थे 
तभी वह जोरों से चिल्लाता हुआ उठता है 
:- आखिर साहिल खान यहाँ भी आ ही गया , मुझसे गलती हो गयी कि मैने उसे जिंदा छोड़ दिया , ताकि मैं उसे अहसास करा सकुँ कि उससे भी ज्यादा कोई दिमाग वाला है यहाँ पर
मगर अब यह जान लो आप सब , वो ज्यादा दिन जिंदा नही रहने वाला

ताहिर मलिक :- मगर साहिल खान से हमें क्या लेना देना
और उससे हमें कैसा खतरा , आरिब खान
आरिब :- खतरा है मिस्टर ताहिर मलिक
आसिफ पठान :- अगर वो हमारे लिये खतरा है तो
उसका चेहरा हम ज्यादा दिन के लिये नही देखने वाले , 
आसिफ पठान खड़े होकर 
क्या कहते हो तुम सब ?
हाँ ?

लैब में उपस्थित सब इंजनियर्स़ ( एक साथ ) :- हाँ हाँ हमें नही छोड़ेगे उसे

आरिब :- जो हमारे रास्ता में आयेगा हम उसे नही छोड़ेंगे , चाहे वो मेरा दोस्त ही क्यों ना हो

इसके बाद वाला दिन :-

आरिब खान , और उसके दो साथी ( ताहिर और आसिफ ) और उसके इंजीनियर्स के लिये टीम मिटिंग में

आरिब खान  :-
यह है उस बैंक का डिजिटल मैप 
इसके बाहर यहाँ पर , इंडियन मिलिट्री के कुछ सैनिक , गार्ड में रहते हैं
ताहिर मलिक :-
फिर उनको किस तरह हटाया जाये
आसिफ पठान :-
पीछले चोरी में हमने पाया कि किसी भी तरह का हम पर कोई खतरा नही था , शायद वो हमारी टेक्नॉलॉजी को समझ ना पाये हो
ताहिर मलिक  :-
तो तुम्हें क्या लगता है इंडियन मिलिट्री फोर्स इस बार भी दखलअंदाजी नही करेगी
एक इंजिनियर :-
मुझे लगता है इस बार हमें भारी टक्कर मिल सकता है
आसिफ पठान :-
कभी कुछ अच्छा भी बोलता है ?
आसिफ पठान :-
वो ठीक ही कह रहा है
आरिब खान जो कि सबकी बातें सुन रहा था अपनी खामोशी को तोड़ता हुआ कहता है
:-
चलो बहुत हो गया , अब मेरी बात सुनो
सबसे बड़ी परेशानी यह है कि यह बैंक कोई मंजिला बिल्डिंग नही है
इस बैंक को अगर लुटना है तो हमें जमीनी वाहन रखने पड़ेंगे जो बाद में हवा में भी उड़ सके
ताहिर मलिक :-
क्या यह तकनीक मार्केट में आ गयी है
आरिब खान :-
तो क्या हम उस वक्त तक इंतेजार करे
आसिफ पठान :-
हमारे हौसले मजबुत है , क्या इससे पहले हमने चोरी नही कि है
ताहिर मलिक :-
तुम्हारे करने का मतलब क्या है आसिफ , हम पकड़े जा सकते हैं
आसिफ पठान :- अलीफ नगर में हुकुमत चाहिये तो लड़ना ही होगा हमें

अगले दिन - दोपहर के ३ बजे

दिन के उजाले में एक भागदौड़ भरी जिंदगी में शहर के लोग अपना काम कर रहे थे मगर एक शातिर चोरो के समुह की नजर शहर के सबसे बड़े बैंक " स्टेट बैंक ऑफ अलीफ नगर " में थी

यह बैंक अलीफ नगर का सबसे बड़ा बैंक था मगर यह कोई इमारत नही था यहाँ रिबिल्डर्स फोर्स को जमीन में आना जरूरी था

प्लेन के मुताबिक रिबिल्डर्स फोर्स , उस बैंक को लुटने आ गयी थी
हवा मे ठहरी हुयी वह क्वीन जेट जिसके अंदर मौजुद था रिबिल्डर्स फोर्स

आसिफ पठान ( एक इंजिनियर से ) - बैंक के बाहर , क्या पॉजिशन्स है 
वह इंजिनियर - कोई नही है
ताहिर - क्या कहा तुमने , ऐसा हो ही नही सकता कि पीछले चोरी के बाद इंडियन मिलिट्री का ध्यान शहर के इतने बड़े बैंक पर हो ही ना
आसिफ - क्या पता , इंडियन मिलिट्री फोर्स अब बैंक पर ध्यान ना देकर किसी ज्वैलरी शॉप या अजयबघर में हो
ताहिर - मगर यह उनकी चाल भी तो हो सकती है
आसिफ ( उस इंजिनियर से ) - क्या तुम उनके नेटवर्क को हैक कर पा रहे हो
वह इंजिनियर - कोशिश जारी है ...............
आसिफ ( ताहिर और अपने सैनिकों से ) - कोई प्रॉब्लम नही होगी , तैय्यार हो जाओ

रास्ता साफ था , किसी भी तरह का खतरा दिखायी नही दे रहा था
सड़के व्यस्त थी , सब अपने काम पर थे

पीछले बैंक में हुयी चोरीयों कि तरह ही रिबिल्डर्स फोर्स के ब्रिगेडियर आसिफ कुछ इंजीनियर की फौज को लेकर  इस बैंक में भी उसी तरह एंट्री करते हैं

ऊपर क्वीन जेट से ताहिर - नीचे हालात कैसे है ? आसिफ
आसिफ - रास्ता साफ है ना कोई इंडियन मिलिट्री का सैनिक और ना ही ज्यादा भीड़ भाड़ में आगे से एंट्री करता हुँ 

आसिफ ने अपने सैनिकों के साथ खतरनाक तरीके से एंट्री की 
बैंक में काम कर रहे सारे वर्कर्स हैरानी से चारों तरफ देखने लगे आसिफ ने सामने की तरफ से एक बम विस्फोट से हमला किया था धमाकेदार आवाज के साथ पुरे कमरे में धुआँ ही धुआँ फैल गया था 
वही पीछे से हवा में एक के बाद एक गोलियाँ चलाते हुए रिबिल्डर्स हॉल में दाखिल होते हैं
आसिफ :- कान खोलकर सुनलो यहाँ पर मौजुद सारे लोग किसी ने भी अगर होशियारी दिखायी या इंडियन मिलिट्री फोर्स से कनेक्शन करने कि जरूरत की तो बहुत बुरा होगा

 

कहानी जारी है ………….

 

 

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