साहिल बहुत तेजी से उनकी तरफ बढ़ता रहा था
इमारत के एक कमरे मे उसका काँच तोड़ता हुआ साहिल उसके अंदर पहुँच जाता है
कमरे के अंदर सामान जल रहे थे और सिर्फ धुआँ ही धुआँ था
साहिल के हेड अप डिस्प्ले मे
temperature - 250°C
साहिल को उस जल रहे कमरे में सास लेने में दिक्कत आ रही थी
साहिल अपने हेलमेट के टचपेड को दबाता है जिससे हेड अप डिस्प्ले में हेलमेट ट्रांसफोर्म होने के कुछ ऑप्सन आ जाते है
और देखते ही देखते उसका हेलमेट self-contained breathing apparatus(SCBA) मे चेंज हो जाता है जो हवा को फिल्टर करके ऑक्सीजन प्रदान करता है जिससे साहिल धुएँ में भी साँस ले सके
उस कमरे में दो लोग फंसे थे जो किसी तरह आग में जलने से बचे हुये थे
क्या तुम दोनों ठीक हो , साहिल खान दोनो से कहता है
पहला पीड़ित व्यक्ति - हाँ
दुसरा पीड़ित व्यक्ति - हमें बचा लो
साहिल खान - ठीक है तुम दोनों मेरे साथ चलो
पहला व्यक्ति - इसके बाद वाले कमरे में भी कुछ लोग फँसे हुये हैं
साहिल खान - उन्हे अभी देखता हुँ पहले तुम दोनों को यहाँ से निकालना होगा
वह दो पीड़ित व्यक्ति एक दुसरे को देखते हुये राहत की साँस लेते हैं
साहिल खान - तुम दोनो मुझे दोनो तरफ से पकड़ लो अब हम यहाँ से जाने वाले हैं
दोने पीड़ितो को साहिल खान को दोनो तरफ से पकड़ लेता हैं
साहिल खान दोनो को लेकर निचे की तरफ खिड़की से गिरता है
साहिल खान के आरमर के जेटइंजन स्टार्ट होकर धुआँ निकाल रही थी
और अब साहिल खान और दोनो पीड़ित हवा में थे
शहर में एक खामोशी छायी हुयी थी , वह भीड़ जो सुबह से हल्ला मचा रही थी , वह भीड़ जो हताश और चिंतित थी , इमारत में फँसे लोगो के लिये शोर मचा रही थी
अब सबकी नजरे ऊपर की और साहिल खान और उन दो पीड़ितो पर थी
पुलिस के लिये यह नामुमकिन था , शहर के लोग हैरानी में पड़े हुये थे , फायर फाईटर्स हैरान होकर खामोशी में अपने सिर को ना में हिला रहे थे
और साहिल खान दोनो को हवा में लेकर निचे उतर रहा था और देखते ही देखते लोगों भीड़ के पास आ पहुँचता है
तभी अचानक से खामोश भीड़ में एक खुशी की लहर गुँज जाती है
और देखते ही देखते खामोश लोगो कि भीड़ , लोगो कि तालियों से गुँज उठती है , कुछ लोग तो खुशी से उछल पड़े थे
लोगो कि भीड़ में एक आदमी - क्या वो उन्हें बचा लाया ?
लोगो कि भीड़ में एक व्यक्ति ( चिल्लाते हुये ) - हाँ वो उन्हें बचा लाया
पुलिस ( साहिल खान से ) - क्या तुम्हें कोई मदद कि जरूरत है
साहिल खान - हाँ एक हैलिकॉप्टर का इंतेजाम कर दो बस
और जैसा मैं कहता हुँ , करते जाओ
पुलिस - ठीक है
साहिल खान ( फायर फाईटर्स से ) - सुनो मुझे तुम्हारा अग्निशमक यंत्र चाहिये
एक फायर फाईटर - यह लो
मगर बताते तो जाओ तुम हो कौन
साहिल खान फिर से उस जलती हुयी बिल्डिंग की तरफ बढ़ चुका था
साहिल खान ने अग्निशमक यंत्र से पुरे कमरे कि आग को बुझा दिया था
कमरे के दिवार को तोड़ता हुआ , साहिल खान उस मंजिल के दुसरे कमरे में पहुँचता है
वह कमरा भी आग से जल रहा था वहाँ भी कुछ लोग फँसे हुये थे जो कुछ कमरे में वायरिंग का काम कर रहे थे
साहिल खान उन लोगो से
- सुनो मैने उस कमरे की आग बुझा दी है
तुम उस कमरे की खिड़की से निकल जाओ
खिड़की में हैलिकॉप्टर लोगो का इंतेजार कर रही थी
हैलिकॉप्टर में एक सैनिक - यहाँ आओ यहाँ से उतर जाओ
हैलिकॉप्टर के गैट से निचे तक एक लकड़ी कि सीढ़ी लगी हुयी थी जिसकी मदद से वह सब पीड़ित व्यक्ति एक के बाद एक निचे उतर रहे थे
तभी साहिल खान को एक बहुत ही दर्द भरी
आवाज सुनाई देती है - बचाओ बचाओ कोई है तो मुझे बताओ
साहिल खान पीछे मुड़कर जाता है
हैलिकॉप्टर में बैठा एक सैनिक - रूको तुम कहाँ जा रहे हो , तुम यही रूके रह गये तो तुम खुद मुसीबत में फँस सकते हो
साहिल खान तुम जाओ , मैं अभी आता हुँ , मुझे लगता है कि अंदर कोई है
साहिल खान दिवारो को तोड़ता हुआ तीसरे कमरे में जाता है
जहाँ एक लड़का , अलमारी के पीछे छुपकर रो रहा था
फिर वह साहिल खान को देखकर खड़ा हो जाता है
साहिल खान - हम यहाँ से निकलने वाले है क्या तुम तैय्यार हो
वह लड़का - हाँ
निचे पुलिस , रिपोर्टर्स को पीड़ितो से दुर कर रही थी
पुलिस ( रिपोर्टर्स से ) - हटिये आप जाईये इन्हे परेशान मत कीजिये
एक रिपोर्टर - अरे मेरी बात तो सुन लिजिये मैं क्या कहना चाहता हुँ
पुलिस , रिपोर्टर को हटाता हुआ
रिपोर्टर - मैं तो बस यही पुछना चाहता हुँ कि वो आरमर में कौन है जो आपको बचा कर लाया था
एक पीड़ित व्यक्ति - अरे हाँ वो कहा गया जो हमे यहाँ बचाकर लाया था , किसी को दिख रहा है क्या
उनमें से एक व्यक्ति - ऊपर की ओर ऊँगली दिखाता हुआ , हाँ मुझे दिख रहा है वो रहा
साहिल खान उस लड़के को बचाकर ले आता है और पुलिस को सौंप देता है
उस लड़के के अब्बु अम्मी - हट जाओ हमारा बच्चा है हमारा बच्चा है वो
पुलिस भीड़ से - हट जाइये लड़के के अब्बु अम्मी को आने दिजिये
वहाँ मौजुद भीड़ अब कोई मौका गवाना नही चाहती थी कि वो जानना चाहते थे आरमर में है कौन
भीड़ ने साहिल को चारो तरफ से घेरने का प्रयास किया मगर
साहिल खान चालाकी से उन्हे चकमा देता हुआ वहाँ से निकलकर ऊपर हवा उड़ चला था
सुबह ११ बजे से यह हादसा शुरू हुआ था
शाम के साढ़े पाँच बज चुके थे , इमारत में लगे आग पर पुरी तरह से काबु पा लिया गया था , कुछ लोगो को फायरफाइटर्स ने बचा लिया था , जिन लोगो नही बचा पायी उन्हें साहिल खान ने आकर बचा लिया था
शहर कि भीड़ अब गायब हो गयी थी , आते जाते लोग अब उस जले हुये बिल्डिंग को देखते हुये जा रहे थे
मगर इस बात कोई नही जान पाया था कि वो , है कौन नाही पुलिस वाले और नाही फायरफाइटर्स और नाही न्युज रिपोर्टर्स जो लोगो कि भीड़ से बस उसके बारे में ही पुछ रहे थे , शहर के लोगो के लिये भी यह रहस्य से कम नही था कि वो है कौन
सुबह के अखबार में भी यह खबर छप गयी थी
यूट्यूब मे विडियो वायरल हो चुका था |
दुबई के लोगों ने उस शख्स को एक नाम दे दिया था
एक युवक जो जेट मशीन के साथ हमें बचाने आता है "फ्लाइंगमैन"
कहानी जारी है …………..
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