साहिल का एक दोस्त ( आरिब ) जो साहिल को उसके प्रोजेक्ट मे मदद करने से मना कर देता है उसे इस बात की खबर पहुँच जाती है
आरिब (मन में सोचता है) - ऐसे ही एक फ्लाईमशीन के लिए साहिल मुझसे बात कर रहा था |
कही उसने ही वो फ्लाइंग मशीन बना तो नही लिया
अगर ऐसी बात है तो मुझे साहिल से मिलना ही पड़ेगा
आरिब साहिल से मिलने आता है उसके घर में , मगर वो उसे नहीं पाता
आरिब का शक अब यकीन में बदलने लगता है
आरिब साहिल से बहोत मुश्किलों के बाद बात करता है , जहाँ उसे पता चलता है कि साहिल दुबई में है
आरिब , साहिल से मिलने के लिये दुबई पहुँच जाता है
अब
डॉरबेल बजती है
साहिल (CCTV कैमरे मे देखता हुआ)
साहिल ( डरवाजा खोलता हुआ ) - आरिब तुम यहाँ
आरिब - क्यों मुझे यहाँ नही आना चाहिये था
साहिल - नही नही ऐसी बात नही है दोस्त इसे भी अपना घर समझो
आरिब - अंदर तो बुलाओ यार
साहिल और आरिब , साहिल के घर पर बात करते हुये
आरिब - यार साहिल तुम आजकल कुछ छुपे छुपे से रह रहे हो ऐसा क्यों
साहिल - नही ऐसी बात नही है
आरिब - ऐसी ही बात है दोस्त
तुम्हे पता है तुमने मुझे बता ही नही , बिना कुछ कहे दुबई मे सेल्टड हो गये
और नाही व्हाट्सप और फेसबुक पर अब ऑनलाइन होते हो
साहिल - कुछ नही वो में तुर्की गया था उस प्रोजेक्ट के लिये
आरिब - अच्छा कौनसी कम्पनी
साहिल - न्युटेक इंडस्ट्री , सर मेहमेत अलियार
आरिब - फिर ?
साहिल - गया था मगर कोई बात नही बनी वहाँ
आरिब - अच्छा , तो क्या तुम मेरी बात न्युटेक कम्पनी से करा सकते हो मतलब मै वहाँ इंटरव्यु के लिये जाना चाहता हुँ
साहिल - मगर तुम न्युटेक कम्पनी की बात क्यो कर रहे हो ?
आरिब - वो साहिल मैने कहा था ना मेरा प्रोजेक्ट कुछ और है यह रहा वो प्रोजेक्ट
हैलिरोबोट
आरिब साहिल को हैलिरोबोट के होलोग्राम दिखाता हुआ
साहिल - शानदार यार बहुत अच्छा है न्युटेक कम्पनी को तुम्हारा प्रोजेक्ट बहुत पसंद आयेगा
कीप इट अप
आरिब - साहिल मुझे लगता है मुझे भी न्युटेक कम्पनी के पास जाना चाहिये
साहिल - क्यो नही जरूर जरूर आखिर भविष्य के लिये यह एक जरूरी कदम जो है
मगर इस प्रोजेक्ट के बारे मे भी तो बताओ
आरिब - कुछ ज्यादा खास नही दोस्त
एक आर्टिफिसियल इंटेलिजेंस हैलिकॉप्टर जो स्वयं के द्वारा भी बहुत से सहयोग प्रदान करती है
साहिल - बहुत बढ़िया प्रोजेक्ट है उम्मीद है न्युटेक कम्पनी को तुम्हारा प्रोजेक्ट बहुत पसंद आयेगा
आरिब - तुम जैसा कह रहे हो बस ठीक वैसा ही हो
साहिल और आरिब एक दुसरे से हाथ मिलाते हुये अलविदा लेते हैं
आरिब अपने दोस्त साहिल से मिलने इसलिये नही आया था कि दोनो बहुत अच्छे मित्र थे
असल मे आरिब , साहिल की तरक्की से मन ही मन नाखुश था | आरिब साहिल से बात करने के बाद एक शातिर तरीके से साहिल के लेब में उसके कम्प्युटर से जेटशुट की टेक्नोलॉजी की सारी फाइल्स कॉपी कर लेता है जिसमें जेटशुट से जुड़ी सारी जानकारियाँ और उससे जुड़े सारे फिचर्स होते है
आरिब न्युटेक टॉवर में सर मेहमेत अलियार से मिलता है
सर मेहमेत अलियार - हाँ तो आरिब आपका प्रोजेक्ट हैलिरोबोट हमें बहुत ही पसंद है
आरिब - आपका बहुत बहुत धन्यवाद
सर मेहमेत अलियार - हाँ तो अब काम की बात करे
आरिब - जी कहीये
सर मेहमेत अलियार - हमें मशीनी शुट चाहिये नाकि यह सब खिलौने
आरिब - में आपका मतलब समझ रहा हुँ सर
सर मेहमेत अलियार - तो देर किस बात की है लग जाओ काम पर
तुम्हारा शुट तैयार होते ही हम उसमें हर तरह के युद्ध में काम में आने वाले सारे हथियार उसमें लगा देंगे
सिर हिलाता हुआ आरिब अपने काम में लग जाता है आरिब अपने लेब में आकर ठीक वैसे का वैसा ही शुट बनाने लग जाता है
आरिब के पास साहिल से भी अत्याधुनिक लेब था जो दुनिया के सबसे बहतरीन कम्पनी के अंडर था
आखिरकार आरिब इस प्रोजेक्ट को एक से दो महीने के बीच ही पुरा कर देता है
इस मशीनी शुट के पुरा होते ही न्युटेक कम्पनी इस शुट में तरह तरह के युद्ध सामग्री को जोड़ देती है
जिससे इस तरह के शुट पहनकर सैनिक युद्ध क्षेत्र में उतर सके
आरिब के बनाये इस शुट में और एक खास बात थी की यह शुट किसी भी तरह के सॉफ्टवेयर सिस्टम को हैक कर सकती है
ताकि दुश्मन भी अगर इस तरह की शुट का इस्तेमाल करे तो उसके सॉफ्टवेयर सिस्टम को हैक किया जा सके और उसके सारे निर्णयो को विफल कर उसे पराजित कर सके
मगर आरिब कि मंशा अलग थी वह इस शुट से गलत काम करके फायदा उठाने की कोशिश कर रहा था
आरिब कि इस तरह की मंशा का पहला कारण
साहिल की दिन ब दिन सफलता थी | आरिब को साहिल कि सफलता से बहुत ही घृणा थी
बस साहिल की सफलता को लेकर आरिब के मन में साहिल के प्रति बहुत हिंसक और नकारात्मक भावनाये बढ़ती जा रही थी
आरिब के प्रोजेक्ट पर काम पुरा होने के बाद
न्युटेक कम्पनी और Oic मिलकर इस शुट पर तरह तरह से टेस्ट करते हैं
आखिरकार उन्हे भी एक परिपुर्ण आरमर चाहिये था तो वह इस आरमर को एक सैनिक को पहनाकर युद्ध अभ्यास में ट्रेनिंग के लिये उतार देते है
आरिब को यह सब चिज समझ में नही आ रहा था , क्योंकि आरिब तो अब शुट को लेकर वहाँ से निकलना चाहता था |
मगर Oic के द्वारा की गयी इतनी हार्ड सिक्योरिटी के बीच से किसी आरमर को चुराकर भागना यह बहुत ही मुश्किल था
आरिब का बनाया शुट अब न आरिब का था और ना ही न्युटेक कम्पनी का यह शुट अब Oic के अंडर में था जो इस शुट को बहुत ही जल्द कही और ले जाने वाली थी
जहाँ मुस्लिम देशों के बड़े बड़े राजनेता इस शुट को देखने आने वाले थे
कहानी जारी है …………
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