कुछ महीने बाद
जगह - दुबई , आबुजवी
अचानक बीच सड़क पर बैंक के सामने दो कारों पर हमला होता है
सड़क पर भीड़ इस हमले से डर कर भगदड़ मचा देती है सब अपनी अपनी जान बचाने के खातिर वहाँ से निकलना चाहते है
बैंक के कर्मचारी बाहर हुये हमले को समझ नही पाती है
अौर बैंक के अंदर के कर्मचारियों की नजर बाहर की तरफ जाती है
तभी अचानक से बैंक के शीशो के डरवाजे तोड़ता हुआ आरिब बैंक के अंदर आ पहुँचता है
आरिब - कोई भी यहाँ से हिलने कि कोशिश मत तरना
, अगर कोई भी यहाँ ज्यादा चालाकि दिखाने की कोशिश करेगा तो वह अपनी जान से जायेगा
अब बताओ इस बैंक का मैनेजर कौन है ?
बैंक का मैनेजर ( डर के मारे हड़बड़ाते हुये ) - मैं मैं हुँ इस बैंक का मैनेडर
आरिब - अच्छा तो आप है , तो महाशय मुझे इस बैंक का लॉकर का रास्ता बता दीजिये
बैंक का मैनेजर - इस तरफ है इस तरफ है
बैंक का मैनेजर और आरिब बैंक के लॉकर में पहुँचते हैं
आरिब - ठीक है बहुत बढ़िया , बहुत बढ़िया
हाँ तो मैनेजर साहब आपने इतना बढ़िया काम किया है तो आपको कुछ इनाम तो मिल ही जाना चाहिये
बैंक ता मैनेजर डरते हुये आरिब कि तरफ देखता हुआ
आरिब , बैंक मैनेजर से कहता है मैनेजर साहब थोड़ा पीछे हटेंगे
वह मैनेजर थोड़ पीछे हट जाता है
तभी आरिब अपने आरमर में लगे मशीनी गन से बहुत सारी गोलियाँ उस मैनेजर पर दाग देता है
आरिब वह सारे पैसे इक्ट्ठे करके वहाँ से निकलने लगता है उस बैंक के चारों और पुलिस ने जगह को घेर लिया था
आरिब इस तरह कि परिस्थिति से पहले ही वाकिफ था
इसलिये आरिब बिना फिक्र किये उनका सामना करने के लिये तैय्यार था
और तभी आरिब अपने आरमर से मिनी रॉकेट लोंच करने ही जाता है कि
सामने से साहिल तेज रफ्तार से उड़ता हुआ उस पर आकर गिरता है
और दोनो ही एक बैंक के एक दिवार को तोड़ते हुये दुर जा गिरते हैं
वहाँ से सब लोग डर कर बाहर निकलते हुये पुलिस भी लोगो को वहाँ से बाहर निकलने में मदद करती है
एक दिवार को तोड़ते हुये दोनो एक दुसरे से भी अलग होकर बहुत दुर जा गिरते हैं
आरिब उठता है और वह देखता है कि उसके सामने साहिल है जो लोगो को बचाने के लिये आया है
आरिब , साहिल को उठाता हुआ
साहिल खुद को उससे दुर करते हुये उसे धक्का दे देता है
और अपने स्केन सिस्टम की मदद से उसको स्केन करता हुआ
मगर स्केन होने पर भी आरिब की कोई इन्फोर्मेशन साहिल को पता नही चलती है
क्योंकि आरिब ने अपना आरमर बनाते वक्त अपने आरमर के सॉफ्टवेयर सिस्टम में अपनी आईडेंटीटी को हाईड कर दिया था
साहिल - क्या , इसका इन्फोर्मेशन क्यों नही आ रहा है
आरिब भी साहिल के आरमर को हैक करने कि कोशिश करता है मगर आरिब नही कर पाता
आरिब हैरानी से साहिल कि तरफ देखता है
तभी अचानक से आकर साहिल , आरिब के मुँह पर एक जोरदार घुसा मारता है जिससे आरिब खड़े खड़े निचे की तरफ गिर जाता है
आरिब उठता हुआ साहिल कि तरफ बढ़ता है
साहिल अपनी रक्षा करते हुये आरिब की तरफ उड़कर फिरसे हमला कर देता है
मगर आरिब भी अब हमला करने कि तैय्यारी में था
साहिल और आरिब दोनो एक दुसरे कि तरफ तेजी से बढ़ते हुये
आरिब , साहिल को हवा में ले जाता हुआ उसके मुँह पर एक घुसा मारता है
साहिल भी जबाव मे उसके मुँह पर भी वार करने जाता है , मगर आरिब साहिल के हाथ को पकड़ता हुआ उसे हवा में घुमा कर दुर फेंक देता है , दोनो हवा में उड़ते हुये ही एक दुसरे से लड़ते रहते हैं
साहिल हवा में आरिब के चाल को समझ नही पाता है मौका देखकर आरिब , साहिल पर एक रॉकेट लोंच कर देता है जिससे हवा में साहिल पर एक विस्फोट होता है , साहिल का आरमर काम करना बंद कर देता है
साहिल हजारो फीट ऊँचाई से गिरने लगता है
साहिल पीछे गुरूत्वाकर्षण के खिंचाव को महसुस करता जाता है
शहर के लोग एक छोटे से इंसान को आसमान में ऊँचाई से गिरते देखते है जो उनके नजरों में धीरे धीरे एक आरमर पहने हुये इंसान कि बड़ी आकृति बनती जाती है
अचानक से बड़ाम कि आवाज के साथ साहिल एक ट्रक के ऊपर पर गिरता है
शहर के लोग चिल्लाता हुये :- नही.............
कुछ लोग :- क्या वो फ्लाइंग मैन है ?
साहिल के निचे गिर जाने के बाद, आरिब वहाँ आता है
आरिब , साहिल को स्केन करता है और उसके हेडअप डिस्प्ले पर वहाँ का वातावरण रेड कलर में थोड़ा गरम दिखायी देता है
आरिब ( मन में ) - यह जिंदा है बस बेहोश हो गया है
तभी लोगो कि भीड़ - उठो फ्लाइंग मैन उठो उसे मारो
लोगो कि भीड़ में से एक आवाज - तुम्हे हमारे लिये उठना ही होगा
आरिब ( गुस्से में ) - लोगो कि तरफ देखता हुआ
और फिर जमीन पर गिरे हुये साहिल की तरफ देखता हुआ
आरिब , साहिल को नही मारता है उसे वहीं छोड़कर हवा में ऊपर की और तेज रफ्तार से उड़कर वहाँ से चला जाता है
लोगो कि भीड़ - कहाँ जा रहे हो तुम , कहाँ जा रहे हो तुम
भीड़ में एक व्यक्ति ( चिल्लाता हुआ ) - तुम एक सनकी हो , पागल कहीं के
पुलिस द्वारा साहिल को होस्पिटेलाइजड कर दिया जाता है
साहिल का चेहरा अब साफ साफ लोग देख रहे थे
पुलिस , डोक्टर्स सब अब जान चुके थे कि फ्लाइंग मैन कौन है ?
एक बुढ़ा शख्स अपने पौते के साथ बैठकर कुरआन कि तिलावत कर रहा था
पौता :- दादा जान आप कौन सी आयत पढ़ रहे है
दादा :- सुनना चाहोगे बेटा
पौता :- जी जरूर दादा जान
दादा :- बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहिम
(1) अलम तरा कैफा फअला रब्बुका बि अस हाबिल फील
(2) लम यज अल कैदहूम फ़ी तजलील
(3) व अरसला अलैहिम तैरन अबाबील
(4) तरमीहिम बि हिजारतिम मिन सिज्जील
(5) फजा अलहुम का अस्फिम माकूल
पौता :- दादा जान सुरह के माने क्या है
दादा :- (1) क्या तुमने देखा नहीं कि तुम्हारे रब ने हाथीवालों के साथ कैसा बरताव किया?
(2) क्या उसने उनकी चाल को अकारथ नहीं कर दिया?
(3) और उनपर नियुक्त होने को झुंड के झुंड पक्षी भेजे,
(4) उनपर कंकरीले पत्थर मार रहे थे।
(5) अन्ततः उन्हें ऐसा कर दिया, जैसे खाने का भूसा हो।
पौता :- दादा जी यह हाथीवाले कौन थे ?
दादा :- ठीक है बेटा , अब मैं तुम्हें पुरी बात बताता हूँ
दादा :- बेटा यह बात उस वक्त कि है
जब यमन का गवर्नर 'अबरहा ' था । उसका ताल्लुक ईसाई मजहब से था उसने शहर ए सनआ में एक गिरजाघर बनवाया था । जिसका नाम कुलैस था और उसकी ख़्वाहिश थी , कि लोग हज करने वाले बजाए मक्का मुक्करमा से सनआ में आएं । और इसी गिरजाघर कुलैस का तवाफ़ करें । अरब ख़ुसूसन कुरैशियो को ये बात बहुत नापसंद गुजरी ।
इसलिये कुरैश के काबिला बनू किनाना के एक शख्स ने सनआ का सफ़र किया । और उस गिजाघर कुलैस में कुछ विवादित काम कर दिया
इस हरकत से अबरहा को बहुत गुस्सा आया । और इसने काबा ए मुअज्जम को गिरा देने की कसम खाई । और इस मकसद से अपने लश्कर लेकर रवाना हो गया । इस लश्कर में बहुत से हाथी थे । इनमें एक बहुत बड़ा कोह पैकर हाथी था । जिसका नाम महमूद था । अबराहा ने अपनी फ़ौज के साथ मक्का में चढ़ाई कर दी । और तमाम जानवरो को अपने कब्जे में ले लिया।
जिनमे अब्दुल मुत्तलिब के ऊंट भी शामिल थे । अब्दुल मुत्तलिब , आप हुजूर मुहम्मद सलल्लाहोअलैहिवसल्लम के दादाजान थे । जो खाना ए काबा के मुतवल्ली और अहले मक्का के सरदार थे। ये निहायत ही रोबदार और निहायत ही जसीम व बा शिकवा आदमी थे । ये अबराहा के पास गए । अबराहा ने इनकी बहुत ताजीम की और आने का मकसद पूछा । तो आपने फ़रमाया के मुझे मेरे ऊंट वापस दे दो । ये सुन कर अबराहा ने कहा मुझे बड़ा ताज्जुब हो रहा है , की मैं तुम्हारे काबा को ढहाने फ़ौज ले कर आया हूँ । जो तुम्हारा और तुम्हारे बाप दादा का बहुत मुकद्दस व मोहतरम मकाम है । आप ने इस बारे में कुछ भी मुझसे नहीं कहा सिर्फ अपने ऊंटों का मुतालबा कर रहे हैं । आप ने फरमाया "मैं ऊंटों ही का मालिक हूँ इसलिए ऊँटो के लिए कह रहा हूँ । काबा का जो मालिक है वो खुदा है और वो ही इसकी हिफाजत फरमाएगा" । मुझे इसकी कोई फ़िक्र नहीं। अबराहा ने आप के ऊंटों को वापस कर दिया । फिर आप ने कुरैश से फरमाया के तुम सब पहाड़ की घाटियों व चोटियों में पनाह लो । कुरैश ने आप की बात पर अम्ल किया । आप ने बारगाहे इलाही में काबे का दरवाजा पकड़ कर काबे की हिफाजत के लिए खूब रो रो कर दुआ की । और दुआ से फारिग होने के बाद कौम के साथ पहाड़ की चोटी में चले गए । अबराहा ने सुबह अपने फ़ौज को हमले का हुक्म दिया । और हाथियों को रवाना करने के लिए उठाया लेकिन हाथियों का पेशरू महमूद ,वह काबे की तरफ न चला । उसको जिस तरफ भी चलाते वह चलता। लेकिन काबे की तरफ चलने पर बैठ जाता । इतने में अल्लाह तआला ने समंदर की जानिब से परिंदों का एक लश्कर भेजा । हर परिंदे के पास तीन कंकरियां थी दो पंजों में और एक चोंच में । अबाबिलों की फ़ौज ने अबराहा की फ़ौज पर इस जोर से संग बारी की के वे बादहवास हो कर भागने लगे । मगर कंकरियां जो छोटी छोटी थी वो कहरे इलाही के पत्थर थे । परिंदे जब उनको गिराते तो फील सुवारों के खोल को तोड़ कर उनके सरों को छेद कर बदन को चीरते हुए हाथी के बदन को छेदते हुए जमीन पर गिरती थी । हर कंकरी पर उस सख्श का नाम लिखा था । जिस से वह हलाक हुआ था । इस तरह अबराहा का पूरा फ़ौज हलाक व बर्बाद हो गया । और काबा महफूज हुआ। ये वाक़िया जिस साल हुआ । अहले अरब उस साल को "आमूल फील" (हाथी वाला साल) कहने लगे । और इस वाकिए के पचास रोज के बाद .....
आप हुजुर मुहम्मद सलल्लाहोअलैहिवसल्लम की विलादत हुई ।
( दोस्तो यह जानकारी गुगल सर्च में एक इस्लामी बेबसाइट से ली गयी है )
वह बुढ़ा शख्स अपने पौते कि तरफ देखता है , उनका पौता बैठे हुये गर्दन झुकाकर सो रहा था
वह बुढ़ा शख्स अपने सोते हुये पौते को देखकर मुस्कुराता है
और उसके कंधे को हिलाते हुये उसे उठाता है :- बेटा साहिल उठो , उठो बेटा
साहिल को डॉक्टर्स उठाते हैं, साहिल
पसीने से तर ब तर हुआ इब्राहिम बिस्तर मे नींद से घबराता हुआ हड़बड़ाहट मे उठता है
और अपने चारो तरफ देखता है
डॉक्टर्स :- घबराओ नही तुम ठीक हो बस तुम्हें अभी लम्बे आराम की जरूरत है
कुछ देर बाद साहिल अपने बेड में लेटा हुआ सोचता है
कौन था वो ?
आखिर वह चाहता तो मुझे आसानी से एक बार में ही मार सकता था , मगर उसने ऐसा नही किया
उसका मकसद क्या है , आखिर वह चाहता क्या है ?
कुछ समझ में नही आ रहा है ?
कमरे में एक काले कलर का कोट पेंट पहने हुए बुजुर्ग शख्स दाखिल होते हैं
साहिल कि एक नजर उन पर पड़ती है
साहिल उन्हे हैरानी से देखता है
प्रेसिडेंट ऑफ तुर्की ( रजब तैय्यब अर्दोगान ) :- फिलहाल कैसी है तबीयत तुम्हारी
साहिल :- जी , ठीक हुँ , आपसे मिलकर खुशी हुयी
प्रेसिडेंट ऑफ तुर्की ( रजब तैय्यब अर्दोगान ) :- मुझे भी साहिल
मगर तुम्हे इतनी जल्दबादी नही करनी चाहिये थी
मेरे ख्याल से
साहिल :- जी मुझे भी यही लगता है
प्रेसिडेंट ऑफ तुर्की ( रजब तैय्यब अर्दोगान ) :- तुम्हार शुट हमारे पास है हमने उसे रिपेयर के लिये भेजा है
तुम्हे जल्द मिल जायेगा
साहिल :- जी शुक्रिया
प्रेसिडेंट ऑफ तुर्की ( रजब तैय्यब अर्दोगान ) :- आखिरकार तुमने कर दिखाया , आखिर एक ऐसा आविष्कार कर ही लिया
जिससे लोग हवा में उड़ कर कहीं पर भी जा सके
साहिल :- सर मैं तो बस यही चाहता था कि मैं लोगो कि मदद करूँ
मगर
प्रेसिडेंट ऑफ तुर्की ( रजब तैय्यब अर्दोगान ) :- मगर क्या साहिल ?
साहिल :- मगर कुछ ऐसे लोग , जिनसे हमें बहुत ज्यादा खतरा है
अगर मैं पहले ही ऐसे लोगो के बारे में जानता तो शायद कभी भी न्युटेक कम्पनी को नही छोड़ता
प्रेसिडेंट ऑफ तुर्की ( रजब तैय्यब अर्दोगान ) :- मैं भी यही चाहता था साहिल की तुम हमारे साथ काम करो इसलिये मैने तुम्हारी मदद की
साहिल :- तो क्या सर वो चिट्ठी और वो सब तकनीक आपकी तरफ से थी
प्रेसिडेंट ऑफ तुर्की ( रजब तैय्यब अर्दोगान ) :- बिल्कुल साहिल
साहिल :- शुक्रिया सर , मैं आपका अहसानमंद रहुँगा सर
प्रेसिडेंट ऑफ तुर्की ( रजब तैय्यब अर्दोगान ) :- शुक्रिया से काम नही चलने वाला साहिल
साहिल :- सर मैं आपकी क्या मदद कर सकता हुँ ?
प्रेसिडेंट ऑफ तुर्की ( रजब तैय्यब अर्दोगान ) :-
हमने एक फौज तैय्यार कि है यह फौज सबसे पृथ्वी के सबसे उन्नत तकनीकी फौज में से होगी
और मैने यह फैसला लिया है कि उस फौज का कमांड तुम्हारे हाथो में हो
और प्रोजेक्ट आबाबील के जरीये एक जंगी शुट तैस्यार किया गया है जो हर तरह के तकनीक और जंगी मिनी मिसाइलस से लेश है , जिससे तुम अपना बचाव कर सको
मैने जनरल यासर गुलेर और oic के सभी सदस्यो से बात कर ली है वो शुट मैं तुम्हे देने वाला हुँ
क्या तुम इसके लिये तैय्यार हो
साहिल :- जी सर , मैं तैय्यार हुँ
कहानी जारी है …………
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