आजकल शॉर्टकट तरीके से पैसा कमाना कौन नहीं चाहता, लेकिन इन्हीं शॉर्टकट तरीके से पैसा कमाने के चक्कर में बहुत से लोग धोखाधड़ी के शिकार हो जाते हैं, जो लोग शॉर्टकट तरीके से पैसा कमाने के चक्कर में दो नंबर का काम करते हैं मतलब की अवैध काम,, जब तक वह चलता है तो उनको बहुत अच्छा लगता है उनको सारी जिंदगी आराम से कटती हुई दिखाई देती है और वह लोग टाटा अंबानी बिरला बनने के सपना देख लेते हैं लेकिन जब वह पकड़े जाते हैं तो उनकी यही जिंदगी सजा बन जाती है और पूरी जिंदगी काल कोठरी में गुजरना पड़ता है तो दूसरी तरफ कुछ लोग जल्दी पैसा कमाने से चक्कर में ठगो के हाथ लग जाते हैं और अपनी जिंदगी भर की जमा पूंजी गवा बैठते हैं।
आज हम भी नेटवर्क मार्केटिंग ( multiple network marketing "MLM") के एक महारथी के बारे में बात करेंगे जो लोगों को फसाने के लिए इतनी लंबी-लंबी फेकता है कि लोग उसके झांसे में आ ही जाते हैं। लेकिन जब इसकी पड़ताल की गई तो उसके सारे दावे झूठे साबित हुए।
आइये विस्तार से समझते हैं…..
सोशल मीडिया पर इन दिनों “वायरल रवि शर्मा” नाम खूब चर्चा में है। इंस्टाग्राम, यूट्यूब और फेसबुक पर उनके वीडियो तेज़ी से वायरल हो रहे हैं। कभी लक्ज़री कारों के साथ, तो कभी ब्रांडेड घड़ियों में नज़र आने वाले रवि शर्मा खुद को नेटवर्क मार्केटिंग (MLM) की दुनिया का स्टार बताते हैं। उनके अनुसार, वे हर महीने ₹100 करोड़ का टर्नओवर करते हैं और ₹6 लाख का जीएसटी भरते हैं।
रवि शर्मा का दावा — “नेटवर्क मार्केटिंग से अमीरी
रवि शर्मा खुद को RCM कंपनी से जुड़ा बताते हैं, जो भारत में एक प्रसिद्ध नेटवर्क मार्केटिंग (Multi-Level Marketing) प्लेटफॉर्म है। वे अपने वीडियो में कहते हैं कि “अगर आप सही दिशा में मेहनत करें तो नेटवर्क मार्केटिंग से करोड़पति बन सकते हैं।”उनका यह आत्मविश्वास और महंगी जीवनशैली युवा पीढ़ी को आकर्षित करती है। बहुत से युवा उनके जैसे जीवन का सपना देखते हैं — लग्ज़री कारें, ब्रांडेड कपड़े और नाम-शोहरत। यही वजह है कि सोशल मीडिया पर “वायरल रवि शर्मा” का नाम लगातार ट्रेंड कर रहा है।
विवाद और सवाल
जहाँ एक ओर उनके फॉलोअर्स उन्हें “सफलता की मिसाल” मानते हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग और मीडिया रिपोर्टें उनके दावों पर सवाल उठाती हैं।
कई समाचार पोर्टलों के अनुसार, रवि शर्मा के आंकड़ों और कमाई के प्रमाण सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं हैं। कुछ विशेषज्ञ कहते हैं कि नेटवर्क मार्केटिंग में ऊँचे स्तर पर बैठे कुछ लोग ही वास्तविक लाभ उठाते हैं, जबकि अधिकांश सदस्य केवल निवेश कर नुकसान झेलते हैं।
भारत में पहले भी कई MLM कंपनियों को पिरामिड स्कीम (Pyramid Scheme) के आरोपों में बंद किया जा चुका है। यही कारण है कि सरकारी एजेंसियाँ बार-बार चेतावनी देती हैं — “किसी भी ऐसे नेटवर्क में पैसा लगाने से पहले पूरी जानकारी लें।”
नेटवर्क मार्केटिंग क्या है?
नेटवर्क मार्केटिंग एक ऐसा बिज़नेस मॉडल है जिसमें लोग उत्पाद बेचने के साथ-साथ नए लोगों को जोड़कर कमाई करते हैं। हर व्यक्ति अपने नीचे नए सदस्यों को जोड़ता है, और जितनी बड़ी टीम बनती है, उतनी ही कमाई बढ़ती जाती है। हालांकि, कई बार यह मॉडल गलत तरीके से इस्तेमाल किया जाता है — जहाँ असली उत्पाद की जगह “नए लोगों से पैसा जोड़ने” पर फोकस हो जाता है। यही पिरामिड स्कीम का आधार बनता है, जो कानूनी रूप से प्रतिबंधित है।
सच्चाई क्या सिखाती है?
रवि शर्मा का केस हमें यह सिखाता है कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली अमीरी हमेशा सच्ची नहीं होती। किसी भी बिज़नेस या इन्वेस्टमेंट में जाने से पहले उसकी वैधता, जोखिम और कमाई के स्रोत को समझना ज़रूरी है। सफलता की राह में शॉर्टकट नहीं होते। मेहनत, ईमानदारी और सही दिशा — यही असली सफलता का रास्ता है।
वायरल रवि शर्मा सोशल मीडिया की दुनिया का एक चर्चित नाम हैं, जिन्होंने नेटवर्क मार्केटिंग को ग्लैमरस बना दिया है। उनके वीडियो लाखों व्यूज़ पा रहे हैं, लेकिन उनके दावों की सच्चाई पर अभी भी सवाल बने हुए हैं। अगर आप भी किसी ऐसे MLM या नेटवर्क मार्केटिंग में जुड़ने की सोच रहे हैं, तो पहले उसकी पॉलिसी, बिज़नेस मॉडल और कानूनी स्थिति की जांच जरूर करें। सोशल मीडिया की चमक में बहकर कोई भी फैसला लेने से पहले — सोचिए, समझिए और सच्चाई जानिए।
Thanks
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