अफगानिस्तान के तालिबानी विदेश मंत्री मौलवी अमीर ख़ान मुत्ताक़ी की भारत यात्रा 2025 की सबसे अहम कूटनीतिक घटनाओं में गिनी जा रही है। यह पहली बार हुआ जब भारत ने किसी उच्चस्तरीय तालिबानी प्रतिनिधि का स्वागत औपचारिक स्तर पर किया। दौरे के दौरान दिल्ली में विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से बैठक हुई, जिसमें मुख्य रूप से निम्न विषयों पर चर्चा हुई—
- अफगानिस्तान में मानवीय सहायता और स्वास्थ्य-शिक्षा सहयोग,
- व्यापारिक संपर्क और सीमित आर्थिक लेन-देन की रूपरेखा,
- आतंकवाद-रोधी और क्षेत्रीय सुरक्षा मुद्दे।
भारत ने अफगान जनता के लिए औषधि, अनाज और चिकित्सा उपकरण देने की घोषणा की। वहीं तालिबानी प्रतिनिधिमंडल ने भारत को आश्वस्त किया कि उसकी भूमि भारत विरोधी गतिविधियों के लिए इस्तेमाल नहीं होने दी जाएगी। यह संवाद “औपचारिक मान्यता” नहीं बल्कि “व्यावहारिक संपर्क” के रूप में देखा जा रहा है।
पाकिस्तान ने अफगान विदेश मंत्री के भारत दौरे को लेकर क्या कहा?
1. गुस्सा और चेतावनी
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा असिफ ने अफगान विदेश मंत्री अमीर ख़ान मुत्ताक़ी की भारत यात्रा के बाद एक कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान की सीमा सुरक्षा पर लगातर खतरे बढ़ रहे हैं और अफगानिस्तान (तालिबानी सरकार) पर आरोप लगाया है कि वह पाकिस्तानी तालिबान (TTP) जैसे आतंकवादी समूहों को या तो आश्रय दे रहा है या उनकी गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं कर रहा। उन्होंने कहा है कि पाकिस्तान की सहनशीलता (patience) अब समाप्त हो चुकी है (“Enough is enough”)। ( (Souce of INDIA Today )
2. विश्वासघात का आरोप
असिफ ने यह भी कहा है कि अफगानिस्तान ने “फायदे” (benefits) पाये हैं लेकिन पाकिस्तान की सुरक्षा के हितों को नजरअंदाज किया गया है। उनका मानना है कि अफ़गान विदेश मंत्री की भारत यात्रा एक संकेत है कि अफगान सरकार भारत के साथ ज्यादा सहयोग करना चाहता है, पाकिस्तान के खिलाफ रणनीतिक झुकाव हो सकता है।( source of India today )
3. रूप से आधिकारिक प्रतिक्रिया सीमित
पाकिस्तान की विदेश कार्यालय (Foreign Office) ने अफगानिस्तान को “भारत द्वारा इस्तेमाल” और “सामरिक बदलाव” की नाराजगी ज़ाहिर की है। लेकिन सार्वजनिक बयानांओं में “पूर्ण मान्यता” (formal recognition) जैसे कदम को लेकर सफाई दी गई है कि फिलहाल ऐसी कोई स्थिति नहीं बनी है, ये विषय “अटकलों” (speculative) में है। ( source of The Express Tribune )
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर हवाई हमला क्यों किया है? (कारण)
हालिया रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में हवाई हमले के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:
1. TTP के ठिकानों का दायरा (Pakistani Taliban / Tehreek-e-Taliban Pakistan)
पाकिस्तान का कहना है कि TTP आतंकवादी संगठन अफगानिस्तान में सुरक्षित ठिकानों (safe havens) का उपयोग कर रहा है — जहां से उन पर हमला किया जा रहा है। पाकिस्तान ने कई बार अफगान सरकार से अनुरोध किया कि वे इन समूहों पर नियंत्रण करें। जब यह नियंत्रण नहीं हुआ, तो पाकिस्तान ने हवाई हमले किए। ( source of The Hindu )
2. सरहदी इलाकों में सुरक्षा संकट
अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा वाले इलाके अक्सर आतंकवादी हमलों और घुसपैड़ी (cross-border incursions) का सामना कर रहे हैं। पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और नागरिकों पर हमला होने की घटनाएँ बढ़ी हैं — जिससे पाकिस्तान हमले की प्रतिक्रिया देना चाहता है। ( source of Al Jazeera )
3. अफगान सरकार की भूमिका पर शक
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगान तालिबानी सरकार पर्याप्त काम नहीं कर रही है या समूहों को दबाव में नहीं ला रही है। पाकिस्तान का यह विश्वास है कि कुछ न कुछ स्तर पर TTP को संरक्षण मिल रहा है या उन्हें कार्रवाई से नहीं रोका जा रहा है। ( source of The Hindu )
4. राजनीतिक संदेश / दबाव बनाना
हवाई हमले न केवल सुरक्षा कारणों से हैं, बल्कि अफगान सरकार पर राजनीतिक और कूटनीतिक दबाव बनाने के लिए भी हैं। पाकिस्तान यह दिखाना चाहता है कि वह अपनी सीमा सुरक्षा लेकर गंभीर है, और यदि अफगान सरकारी अमली कदम नहीं उठाए गए तो वह मजबूर हो सकता है।( source of Al Jazeera)
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