मानव जगत खाने पीने की चीजों को लेकर कहीं भी समान दिखाई नहीं देता है कहीं पर शाकाहारी लोग पाए जाते हैं तो कहीं पर मांसाहारी लोग तो कहीं पर सर्वाहारी लोग, लेकिन पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा सर्वाहारी की संख्या है। जहां शाकाहारी लोग जीव हिंसा से नफरत करते हैं और साग सब्जी फल फ्रूट इत्यादि को प्रकृति और मनुष्य के शरीर से जोड़ते हैं तो दूसरी ओर मांसाहारी लोग प्रकृति में जीवो को लेकर और मानव में दांत के आकार को लेकर तर्क प्रस्तुत करते हैं तो वहीं सर्वाहारी लोग किसी भी चीज में भेदभाव न कर करके, शरीर को न्यूट्रिशन किन चीजों से मिलना चाहिए उस पर ध्यान केंद्रित करते हैं।
इसी बात को लेकर लोग अपने धर्म का हवाला देते हैं कि हमारे धर्म में यह प्रतिबंध है। इन सभी प्रतिबंधों को धर्म के आधार पर देखा जाए तो सबसे अच्छा धर्म प्रतिबंध के मामले में इस्लाम ही आता है। क्योंकि इस्लाम में जो जो चीज प्रतिबंधित या लोगों को खाने या करने से मना की गई है वह वैज्ञानिक दृष्टि से भी सही नहीं है।
पैगंबर मोहम्मद ﷺ ने खाने-पीने के बारे में जो हिदायतें दीं, उनमें गहरा धार्मिक और वैज्ञानिक रहस्य छिपा है। इस लेख में जानिए कि पैगंबर ﷺ ने किन चीज़ों को खाने से मना किया — जैसे सुअर का मांस, खून, मरे हुए जानवर, नशीली वस्तुएं और दरिंदे जानवर — और इनसे होने वाले नुकसान क्या हैं। सहीह हदीसों और क़ुरआन की रोशनी में समझिए कि इस्लाम कैसे सेहत, स्वच्छता और आत्मिक पवित्रता की शिक्षा देता है।
1. हराम जानवरों का मांस
- सुअर (Pig / Pork)
- खून (Blood)
- मरे हुए जानवर (Dead animals / Carrion)
- अल्लाह के अलावा किसी और के नाम पर ज़बह किया गया जानवर
क़ुरआन (सूरह अल-बक़रा 2:173)
"तुम पर हराम किया गया है मरा हुआ जानवर, खून, सूअर का मांस, और वह जिस पर अल्लाह के सिवा किसी और का नाम लिया गया हो।"
नुकसान:
- इनसे संक्रमण, परजीवी और वायरस फैल सकते हैं।
- सूअर का मांस वैज्ञानिक दृष्टि से हाई कोलेस्ट्रॉल, ट्राइकिनोसिस और हृदय रोगों का कारण माना जाता है।
- खून पीने से शरीर में विषैले तत्व (toxins) प्रवेश करते हैं।
2. नाखून वाले या पंजों वाले जानवर
- दरिंदे जानवर जैसे शेर, बाघ, भेड़िया, लोमड़ी, बिल्ली आदि।
- नाखून वाले शिकारी परिंदे जैसे चील, बाज़, गिद्ध।
हदीस:
- “रसूलुल्लाह ﷺ ने हर उस जानवर का मांस खाने से मना फरमाया जो पंजों से शिकार करता है।”
नुकसान:
- ऐसे जानवरों का मांस विषैले तत्व रखता है।
यह क्रोध, हिंसक प्रवृत्ति और रोग फैलाने वाले कीटाणु पैदा कर सकता है।
3. कीड़े-मकोड़े और रेंगने वाले जीव
मेंढक, साँप, बिच्छू, छिपकली आदि
हदीस में आया है कि पैगंबर ﷺ ने मेंढक को मारने और खाने दोनों से मना किया।
(अबू दाऊद: 5269)
नुकसान:
- इनमें विष और संक्रमण का खतरा होता है।
कई प्रजातियाँ विषैली और अस्वच्छ होती हैं।
4. नशीली चीज़ें (Alcohol, Drugs आदि)
शराब, बीयर, वाइन, अफीम, नशा देने वाली दवाएँ आदि
हदीस:
“हर वह चीज़ जो नशा दे, वह हराम है।”
( सहीह बुखारी, हदीस 5585)
नुकसान:
- दिमाग़ और शरीर पर बुरा असर।
- लिवर, हृदय, नसों को नुकसान।
- परिवार और समाज में बर्बादी।
5. ज़्यादा खाना और फ़िजूलखर्ची
पैगंबर ﷺ ने फरमाया:
“इंसान के लिए कुछ निवाले काफी हैं जो उसकी कमर सीधी रख सकें। अगर ज़रूर खाना ही है, तो पेट का एक तिहाई खाना, एक तिहाई पानी और एक तिहाई सांस के लिए छोड़ दे।” ( तिर्जीमी,हदीस 2380)
नुकसान:
- मोटापा, पाचन की गड़बड़ी, हृदय रोग।
- आलस्य और इबादत में कमजोरी।
6. गंदी और संदिग्ध चीज़ें (Unclean or doubtful food)
हदीस:
“हलाल और हराम साफ़-साफ़ हैं, और इनके बीच कुछ शंकास्पद चीज़ें हैं... जो उनसे बचेगा, वह अपने दीन और इज़्ज़त को बचा लेगा।”((सहीह बुखारी, हदीस 52))
नुकसान:
- शंकास्पद भोजन अक्सर मिलावटी या अशुद्ध होता है।
- आध्यात्मिक और शारीरिक दोनों नुकसान पहुँचाता है।
निषिद्ध चीज़ कारण नुकसान
- सुअर, खून, मरा जानवर अल्लाह की मनाही संक्रमण, विषैले तत्व
दरिंदे जानवर शिकार करने वाले हिंसक प्रवृत्ति, कीटाणु
नशीली चीज़ें नशा लाती हैं मानसिक, शारीरिक हानि
ज़्यादा खाना फिजूलखर्ची मोटापा, आलस्य
संदिग्ध खाना शक की चीज़ें रूहानी कमजोरी
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